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August 24, 2025

हिमाचल: खड्ड ने बदला रुख- जलमग्न हुआ इंदौरा, वाहन बहे; घरों में 5 फीट भरा पानी-तैरने लगा सामान

रिहायशी इलाके की ओर मुड़ा खड्ड का बहाव घर बाजार सड़कें सब पानी में डूबे

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indora flash flood

इंदौरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने एक बार फिर प्रदेश को प्राकृतिक आपदा की चपेट में ला खड़ा किया है। खासकर कांगड़ा जिला के इंदौरा और नूरपुर क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। तारा खड्ड का रुख बदलने से इंदौरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। भारी बारिश से पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

तारा खड्ड ने जलमग्न किया इंदौरा

इंदौरा क्षेत्र में तारा खड्ड का बहाव अचानक रिहायशी इलाकों की ओर मुड़ गया, जिससे वहां चारों ओर पानी ही पानी फैल गया। स्थानीय बस्ती, बाजार और सड़कें सब पानी में डूब गए हैं। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बह गए, जो बाद में आधे से एक किलोमीटर दूर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले। कुछ वाहनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया है, जिससे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। कई घरों में बेड और अन्य सामान पानी में तैरते नजर आए।

 

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सुरक्षित स्थानों की ओर भागे लोग

इंदौरा क्षेत्र के वार्ड नंबर दो, तीन और चार में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया है। इन इलाकों में पानी इस कदर भर गया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। बस अड्डा से लेकर तारा खड्ड पुल तक का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, क्योंकि यह क्षेत्र भूगोलिक रूप से निचला है। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए इलाके की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

 

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विधायक का घर भी चपेट में

बारिश और जलभराव का असर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचा है। नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का का कंडवाल स्थित कार्यालयए होटल परिसर और निवास भी पानी में डूब गया। उन्होंने बताया कि भारी वर्षा के चलते फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान बनाए गए अस्थाई काजवे से पानी की निकासी ठीक से नहीं हो सकीए जिससे काजवे की पुलियों के ऊपर से पानी बहने लगा और यातायात बाधित हो गया।

फोरलेन निर्माण में लापरवाही पर उठे सवाल

विधायक निक्का ने फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क के किनारे बनाई जा रही नालियों का साइज पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की है कि नागाबाड़ी और राजा का बाग जैसे क्षेत्रों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों के घरों में पानी न घुसे।

 

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हिमाचल में हर साल दोहराता है प्राकृतिक कहर

हर साल मानसून में हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान देखने को मिलता है। लेकिन इस बार इंदौरा और नूरपुर क्षेत्र में जो हालात बने हैं, वे अभूतपूर्व हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होना और निर्माण कार्यों में लापरवाही इस तबाही के मुख्य कारण हैं।

 

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प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी

प्रशासन की टीमें मौके पर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि अभी भी कई क्षेत्रों में जलस्तर अधिक होने के कारण राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है।

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