#विविध

February 1, 2026

हिमाचल : सरकारी नौकरी से रिटायर हुई मां, बेटों ने दी अनोखी विदाई- ऊंट पर बिठा पहुंचाया घर

26 साल से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रही थीं बिमला देवी

शेयर करें:

mother retirement government job son bids farewell camel ride hamirpur himachal

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में कल का दिन उस वक्त एक यादगार पल के रूप में दर्ज हो गया। जब राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ से 26 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिमला देवी को अनोखे अंदाज में विदाई दी गई।

सरकारी कर्मचारी की अनोखी विदाई

इस खास मौके पर उन्हें ऊना जिले से मंगवाए गए ऊंट पर बैठाकर घर के लिए रवाना किया गया। बिमला देवी की यह विदाई न केवल स्कूल परिसर बल्कि पूरे गलोड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

यह भी पढ़ें : आज 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री : हिमाचल को लगेगा महंगाई का झटका! जानें

26 साल तक की नौकरी

बिमला देवी ने वर्ष 1999 में नाल्टी स्कूल से चतुर्थ श्रेणी पद पर अपने सरकारी सेवाकाल की शुरुआत की थी। तीन वर्षों की सेवा के बाद उनका तबादला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ में हुआ, जहां उन्होंने लंबे समय तक निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं।

अलग-अलग स्कूलों में दी सेवाएं

वर्ष 2012 से 2015 तक उन्होंने सुजानपुर क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 2016 से लेकर सेवानिवृत्ति तक वह पुनः गलोड़ स्कूल में ही कार्यरत रहीं। विद्यालय परिवार के लिए बिमला देवी केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि स्कूल व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती थीं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : पंजाब रोडवेज की बस से सप्लाई हो रही थी चरस, पुलिस ने दो तस्करों को रंगे-हाथों पकड़ा

भावुक हुआ हर कोई

उनकी मेहनत, अनुशासन और सहयोगी स्वभाव के चलते शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते थे। सेवानिवृत्ति के अवसर पर स्कूल परिसर भावनात्मक माहौल से भरा रहा।

विदेश में हैं दोनों बेटे

इस अनोखी विदाई के पीछे एक पारिवारिक भावना भी जुड़ी रही। बिमला देवी के दो बेटे हैं और दोनों ही विदेश में नौकरी कर रहे हैं। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, छोटे बेटे की शादी के समय वह दुल्हन को हाथी पर सवार होकर लेने गए थे।

यह भी पढ़ें : सावधान हिमाचल! भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, आज से अगले 3 दिन जमकर बरसेंगे बादल

मां को ऊंट पर बिठाया

उसी दौरान बेटों ने यह इच्छा जताई थी कि जब उनकी माता सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होंगी, तो उन्हें भी विशेष तरीके से घर लाया जाएगा। बेटों की इसी इच्छा को साकार करते हुए ऊना जिले से विशेष रूप से ऊंट मंगवाया गया और बिमला देवी को उस पर बैठाकर विदाई दी गई।

 

News Article Hero Image

घर तक चला ऊंट

हालांकि, ऊंट पर सवारी करना आसान नहीं रहा। स्कूल से कुछ दूरी तय करने के बाद बिमला देवी को असहजता महसूस हुई, जिसके चलते उन्हें ऊंट से उतरना पड़ा। इसके बावजूद ऊंट पूरे रास्ते उनके साथ चलता रहा और लोगों की उत्सुक निगाहें इस दृश्य को देखती रहीं। यह दृश्य न केवल अनोखा था, बल्कि सम्मान और अपनत्व का प्रतीक भी बना।

यह भी पढ़े: हिमाचल की पंचायतों में सुक्खू सरकार ने लगाए एडमिनिस्ट्रेटर, इन अधिकारियों को सौंपी शक्तियां

धूमधाम से रिटायर हुईं बिमला

उनकी विदाई पर स्कूल के प्रधानाचार्य सुरजीत कुमार माही, पूर्व प्रधानाचार्य रविंदर लखनपाल, पुलिस चौकी प्रभारी SI विनय अत्री, प्रधान गलोड़ संजीव कुमार, संजय शर्मा, राजेश शर्मा, अशोक कुमार, ध्रुव सिंह राणा, मदन बन्याल, पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ, सम्मानपूर्ण भविष्य की कामना की।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख