#धर्म
September 18, 2026
मणिमहेश में आज बर्फ के बीच लगेगी आस्था की डुबकी- दोपहर 1 बजे शुरू होगा बड़ा शाही स्नान
बर्फ के बावजूद दर्शन करने पहुंच रहे सैकड़ों शिवभक्त
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चंबा। हिमाचल के चंबा में स्थित पवित्र मणिमहेश डल झील आज एक बार फिर आस्था के सबसे बड़े संगम की गवाह बनेगी। राधाष्टमी के पावन अवसर पर दोपहर करीब 1 बजे से यहां बड़ा शाही स्नान शुरू होगा।
देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बीच पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाएंगे। खास बात यह है कि गुरुवार को मणिमहेश क्षेत्र में करीब तीन इंच बर्फबारी हुई है और रात के समय तापमान माइनस तक पहुंच गया। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है।
पुरानी धार्मिक परंपरा के मुताबिक भरमौर के संचुई से पहुंचे त्रिलोचन महादेव के वंशज शिव चेले सबसे पहले डल झील में प्रवेश कर धार्मिक रस्म पूरी करेंगे। इसी के साथ बड़े शाही स्नान का शुभारंभ होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को विधिवत स्नान करने की अनुमति होगी।
शाही स्नान का शुभ मुहूर्त आज दोपहर 1 बजकर 2 मिनट से शनिवार दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। यानी करीब 26 घंटे 26 मिनट तक श्रद्धालु राधाष्टमी के अवसर पर डल झील में स्नान कर सकेंगे। इसी के साथ इस साल की मणिमहेश यात्रा का समापन भी हो जाएगा।
मणिमहेश क्षेत्र में हुई ताजा बर्फबारी ने ठंड काफी बढ़ा दी है। गुरुवार को करीब तीन इंच बर्फ गिरी, जिसके बाद रात का तापमान माइनस में पहुंच गया। ऐसे मौसम में पवित्र डल झील में स्नान करना श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ कड़ाके की ठंड का सामना करने जैसा होगा।
हालांकि आज मौसम साफ है। इससे दिन के समय तापमान में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच आज डल झील में होने वाला शाही स्नान श्रद्धालुओं के लिए खास अनुभव रहने वाला है।
मणिमहेश यात्रा में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। राधाष्टमी के स्नान को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। शिव चेले की पारंपरिक रस्म के बाद कई छड़ियां भी डल झील पहुंचेंगी और शाही स्नान में शामिल होंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी के अवसर पर मणिमहेश डल झील में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।
25 अगस्त से शुरू हुई इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं के डल झील में स्नान करने की सूचना है। हालांकि पिछले साल की आपदा का असर इस बार यात्रा पर दिखाई दिया है।
2025 में भरमौर और मणिमहेश के बीच बादल फटने के बाद हुई भारी बारिश के चलते 25 हजार से अधिक श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे। इस घटना के बाद इस साल यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम बताई जा रही है।
फिर भी राधाष्टमी के बड़े शाही स्नान के लिए मणिमहेश में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई है। बर्फ से ढकी चोटियों और जमा देने वाली ठंड के बीच आज डल झील में गूंजता भोलेनाथ का जयकारा इस साल की यात्रा के समापन का गवाह बनेगा।