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January 16, 2026
हिमाचल: मंत्री से बोला फरियादी...तकसीम के लिए "शराब-मीट की दावत" मांगते हैं कर्मचारी
फरियादी का आरोप शराब मीट की दावत देने में था असमर्थ, तो नहीं हुई तकसीम
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले उजागर होते रहते हैं। इन मामलों से ऐसा लगता है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़े काफी गहरी हो चुकी हैं। ऐसे ही एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा उस समय हुआ, जब बिलासपुर जिला के घुमारवी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था। इस कार्यक्रम में एक फरियादी की बात सुन कर ना सिर्फ वहां मौजूद हर शख्स की हैरान रह गया, बल्कि खुद तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी आग बबूला हो गए। फरियादी ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों पर शराब और मीट की मांग को उजागर किया था।
दरअसल गुरुवार को घुमारवी विधानसभा क्षेत्र की कोट पंचायत में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में एक गरीब व्यक्ति भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचा था। इस फरियादी ने मंत्री के समक्ष राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। इस फरियादी ने खुले मंच से कहा कि राजस्व मंत्री मेरी जमीन के बंटवारे (तकसीम) करवाने की एवज में शराब और मीट की दावत की मांग करते हैं, लेकिन में गरीब उनकी इस मांग को पूरा नही कर पा रहा हूं, जिसके चलते मेरी तकसीम का कार्य लंबे अरसे से लटका हुआ है।
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फरियादी की बात सुनते ही मंत्री राजेश धर्माणी आग बबूला हो गए और उन्होंने इस मामले में उपायुक्त को तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगर जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं उपायुक्त ने भी मंत्री के आदेश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की फाइल मंगवा ली है।
बता दें शिकायत करने वाला शख्स ब्रह्मली गांव का रहने वाला सीता राम पुत्र राम लाल था। जिसने खुले मंत्र से राजस्व अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी। सीता राम ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपना परिवार पालता है। सीता राम के अनुसार वह लंबे समय से अपनी पुश्तैनी जमीन की तकसीम करवाने के लिए राजस्व विभाग के चक्कर लगा चुका है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जमीन की तकसीम ना होने के चलते वह अपने घर में शौचालय का भी निर्माण नहीं करवा पा रहा है।
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पीड़ित ने सरकार गांव के द्वार के खुले मंत्र से राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर शराब और मीट की दावत मांगने के गंभीर आरोप लगा दिए। पीड़ित का कहना है कि वह गरीब व्यक्ति है, और अधिकारियों और कर्मचारियों की इस मांग को पूरा नहीं कर पाया, जिसके चलते उसकी लंबे समय से चली आ रही तकसीम की फाइल को जानबूझ कर लटकाया जा रहा है। सीता राम के अनुसार वह इससे पहले भी उपायुक्त से इस बारे में गुहार लगा चुका है। जिसके चलते साल 2024 में नायब तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण किया था और रिपोर्ट भी तैयार की थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हो पाया।
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फरियादी के इन आरोपों पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों की क्लास लगा दी। मंत्री ने उपायुक्त को इस मामले की जल्द से जल्द जांच करने के निर्देश दिए। इसके साथ मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर कोई भी संबंधित कर्मचारी या अधिकारी जांच में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।