मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में सोमवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। जेल रोड के पास बहने वाले नाले ने रौद्र रूप धारण कर लिया और रात करीब 3 बजे इसका मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया।
मंडी फिर फटा बादल
हादसे में 2 लोगों की जान चली गई, जबकि 15 लोग घरों में फंस गए, जिन्हें सुबह 4 बजे पुलिस और SDRF की टीम ने रेस्क्यू किया। जेल रोड, सेन मोहल्ला और चड़्यारा क्षेत्र में दर्जनों गाड़ियां मलबे में दब गईं। मंडी शहर के मध्य से बहने वाली सुकेती खड्ड भी उफान पर है, जिसका पानी कई घरों में घुस गया।
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मुख्य क्षति और राहत कार्य
- मंडी शहर में 20 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं
- चंडीगढ़-मनाली फोरलेन (NH-21) पर 4 मील, 9 मील और दवाड़ा में आवाजाही पूरी तरह ठप
- दवाड़ा में फोरलेन का नामोनिशान मिट गया
- मंडी-जोगिंद्रनगर फोरलेन भी लवांडी ब्रिज के पास लैंडस्लाइड से बंद
- NH-305 लुहरी के पास भूस्खलन के चलते अवरुद्ध
- जेल रोड पर मलबे में फंसे लोगों को SDRF व स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू किया
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मौसम विभाग का अलर्ट
- मंडी, कांगड़ा और कुल्लू में आज ऑरेंज अलर्ट जारी
- शिमला में भी अगले 2 घंटे तक तेज बारिश की चेतावनी
- चंबा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट
- 30 जुलाई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर, लेकिन कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी
- 31 जुलाई को चंबा व सिरमौर में भारी बारिश की संभावना
- 1 अगस्त को सिरमौर में भारी बारिश का पूर्वानुमान
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अब तक का मानसून सीजन
20 जून से 28 जुलाई तक हिमाचल में 1523 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट
164 लोगों की मौत, जिनमें 27 की मौत बादल फटने, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड से
34 लोग लापता
शिमला में सामान्य से 67% अधिक बारिश, मंडी में 63%, सिरमौर व कुल्लू में 30%
स्थिति बेहद गंभीर
मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और शिमला में लगातार हो रही बारिश ने हालात और खराब कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों से दूर रहने और यात्रा टालने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य जारी है, लेकिन मूसलधार बारिश और टूटे सड़क संपर्क राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं।
