#हिमाचल
May 26, 2026
हिमाचल में महंगाई बेलगाम: दूध की कीमतों में उछाल, ट्रक यूनियनों ने भी बढ़ाया किराया
मिल्कफेड ने बढ़ाए दाम, अब जेब पर पड़ेगी दोहरी मार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही महंगाई का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है। निजी कंपनियों के बाद राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ यानी मिल्कफेड ने भी दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। वहीं दूसरी ओर ट्रक यूनियनों ने भी मालभाड़े में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में खाद्य वस्तुओं समेत कई जरूरी सामानों के दाम बढ़ने की आशंका है।
मिल्कफेड द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब खुला दूध 51 रुपये से बढ़कर 53 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि पैकेट बंद दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
मिल्कफेड के चेयरमैन बीएस ठाकुर ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परिवहन लागत काफी बढ़ गई है। इसी वजह से दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करनी पड़ी। उन्होंने संकेत दिए कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में अन्य डेयरी उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
गौरतलब है कि मिल्कफेड ने पिछले साल नवंबर में दूध की कीमतों में तीन से चार रुपये तक की कटौती की थी, लेकिन अब बढ़ती लागत के चलते कंपनी को फिर कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।
उधर डीजल के दाम बढ़ने के बाद प्रदेश की ट्रक यूनियनों ने भी मालभाड़े में इजाफा कर दिया है। नालागढ़ ट्रक यूनियन ने ट्रक भाड़े में एक रुपये प्रति किलोमीटर तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली के लिए छोटी गाड़ी का किराया 25,088 रुपये और बड़ी गाड़ी का किराया 38,543 रुपये तक पहुंच गया है।
इसी तरह कलकत्ता और चेन्नई रूट पर भी ट्रांसपोर्ट लागत में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यूनियन का कहना है कि डीजल के अलावा टोल टैक्स और ट्रकों में इस्तेमाल होने वाले यूरिया के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
गगरेट ट्रक यूनियन ने भी एक जून से मालभाड़ा बढ़ाने का फैसला लिया है। अब ऊना से दिल्ली तक छह पहिया ट्रक भेजने का खर्च करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच जाएगा। पहले यही किराया लगभग 26 हजार रुपये था। वहीं दस पहिया ट्रक का किराया 45 हजार रुपये तक हो सकता है।
दूध और ट्रांसपोर्ट महंगा होने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। बाजार में सब्जियां, राशन, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। व्यापारियों और उद्योगों ने भी संकेत दिए हैं कि बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत के कारण जल्द ही कई उत्पादों के दामों में इजाफा किया जा सकता है।