शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अब केवल घर और खेती-किसानी तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अपने लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार कर रही हैं। इसी दिशा में शिमला जिले के चौपाल विकासखंड की ग्राम पंचायत ठाणा में महिलाओं ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
महिलाओं ने शुरू किया अपना ब्रांड
यहां महिला ग्राम संगठन ठाणा से जुड़ी महिलाओं ने 'HIMJAL' नाम से मिनरल वाटर प्लांट शुरू किया है। इसे हिमाचल प्रदेश का पहला महिला संचालित मिनरल वाटर प्लांट बताया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में बदल जाएगी Himcare! अब इलाज के लिए मिलेगा 10 लाख, आज कैबिनेट में लगेगी मुहर
सिर्फ महिलाएं करेंगी काम
इस परियोजना की खास बात यह है कि प्लांट का संचालन पूरी तरह महिलाओं के हाथों में रहेगा। पानी के उत्पादन और बोतल में भरने से लेकर पैकेजिंग, बाजार तक पहुंचाने, बिक्री और कारोबार से जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी महिला संगठन की सदस्य ही संभालेंगी। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ उद्यम चलाने का अनुभव भी हासिल होगा।
पारंपरिक काम को कारोबार में बदलने की पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी जुटाने और उसे घर तक पहुंचाने का काम लंबे समय से महिलाओं की दिनचर्या का हिस्सा रहा है। अब ठाणा की महिलाओं ने इसी क्षेत्र से जुड़े संसाधन को व्यावसायिक गतिविधि का रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने निखिल, परिवार की तीसरी पीढ़ी करेगी देश सेवा
HIMJAL बेचेंगी महिलाएं
'HIMJAL' के माध्यम से महिलाएं पानी को एक उत्पाद के रूप में तैयार कर बाजार में बेचेंगी। इससे उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, बिक्री, ग्राहक प्रबंधन और वित्तीय संचालन जैसी व्यावहारिक जानकारियां भी हासिल होंगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए पारंपरिक गतिविधियों से आगे बढ़कर उद्यमिता की ओर जाने का माध्यम बन सकती है।
13.80 लाख रुपये के ऋण से स्थापित हुआ प्लांट
मिनरल वाटर प्लांट की स्थापना के लिए महिला ग्राम संगठन को हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानी HPSRLM के तहत 13.80 लाख रुपये की ऋण सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इसी वित्तीय सहयोग से प्लांट को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह भी पढ़ें- हिमाचल के CBSE स्कूलों में बड़ा बदलाव! बच्चों की हरी यूनिफॉर्म, टीचर्स का ड्रेस कोड भी फिक्स
महिला संगठन संचालित करेगा प्लांट
ग्रामीण महिलाओं के समूह को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का उद्देश्य उन्हें ऐसे कारोबार से जोड़ना है, जिससे लंबे समय तक आय का साधन तैयार हो सके। प्लांट के संचालन से होने वाली आमदनी महिला संगठन की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
इसके अलावा महिलाओं को उद्यम चलाने के दौरान कारोबार से संबंधित कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में वे अन्य छोटे-बड़े ग्रामीण व्यवसाय शुरू करने के लिए भी अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : गहरी खाई में समाई बोलेरो, एक साथ दो ड्राइवरों की मौके पर मौ**त
11 रुपये में मिलेगी बोतल
'HIMJAL' मिनरल वाटर की कीमत भी महिला संगठन ने आम उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की है। फिलहाल एक लीटर पानी की बोतल का मूल्य 11 रुपये रखा गया है। महिला संगठन की ओर से तय यह कीमत बाजार में बिकने वाली कई पैकेज्ड वाटर बोतलों की तुलना में कम है।
बाजार के मुकाबले कम कीमत पर उपलब्ध होगी बोतल
ऐसे में स्थानीय लोगों के लिए अपेक्षाकृत किफायती दर पर पैकेज्ड पानी उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही कम कीमत के जरिए उत्पाद को स्थानीय बाजार में स्थापित करने में भी मदद मिल सकती है। अगर प्लांट का कारोबार आगे बढ़ता है तो महिला संगठन के लिए नियमित आय का स्रोत तैयार हो सकता है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति के लिए लोगों को दूर के बाजारों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू के 3 कद्दावर मंत्री, 7 MLA भी नहीं बचा पाए जिला परिषद की कुर्सी; कांग्रेस को झटका
उत्पादन से बिक्री तक महिलाएं संभालेंगी पूरा काम
'HIMJAL' की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका महिला संचालित होना है। महिला ग्राम संगठन की सदस्य प्लांट के विभिन्न कामों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगी। पानी के उत्पादन और पैकेजिंग के अलावा तैयार उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने और ग्राहकों तक बेचने की जिम्मेदारी भी संगठन की महिलाएं ही संभालेंगी।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार
इस तरह यह परियोजना महिलाओं को केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें व्यवसाय प्रबंधन का प्रत्यक्ष अनुभव भी देगी। महिलाओं को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किसी उत्पाद को तैयार करने के बाद उसे बाजार में किस तरह स्थापित किया जाता है और कारोबार को टिकाऊ बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : गौशाला में घुसा आवारा सांड, 35 वर्षीय शख्स को सींग से उठाकर पटका- थमीं सांसें
ग्रामीण आजीविका मिशन से उद्यमिता को बढ़ावा
HPSRLM के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों और महिला संगठनों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ठाणा में शुरू किया गया मिनरल वाटर प्लांट इसी तरह की पहल का उदाहरण है।
महिलाओं की शानदार पहल
चौपाल के BDO विनीत ठाकुर के अनुसार, ग्रामीण महिलाओं और उनके संगठनों को केवल बचत तथा ऋण गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ऐसे व्यवसायों से जोड़ने की जरूरत है, जो बाजार की मांग से जुड़े हों और लंबे समय तक आय उपलब्ध करा सकें। 'HIMJAL' को इसी सोच के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में 6 शराब ठेके सील...वसूल रहे थे MRP से ज्यादा पैसे, लगा बड़ा जुर्माना
शुभारंभ कार्यक्रम में अधिकारी और महिलाएं रहीं मौजूद
'HIMJAL' मिनरल वाटर प्लांट का औपचारिक शुभारंभ SDM चौपाल हेम चंद वर्मा, DFO चौपाल जंगवीर और DSP चौपाल सुशांत शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में चौपाल के BDO विनीत ठाकुर समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
महिला ग्राम संगठन ठाणा की सदस्य महिलाएं भी इस मौके पर उपस्थित रहीं। प्लांट शुरू होने को लेकर महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। उनके लिए यह पहल केवल एक व्यवसाय की शुरुआत नहीं बल्कि सामूहिक रूप से आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में उठाया गया कदम है।
यह भी पढ़ें- RETRO लुक के दीवाने हुए हिमाचल के नेता- तस्वीरों में दिखा अलग ही स्टाइल, फैंस खुश
गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष जोर
प्लांट के शुभारंभ के दौरान अधिकारियों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। पैकेज्ड पानी के कारोबार में स्वच्छता, उत्पादन प्रक्रिया, बोतलों की पैकेजिंग और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अधिकारियों ने महिला संगठन को इन सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा, ताकि बाजार में उपलब्ध करवाए जाने वाले पानी की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनी रहे। कारोबार की सफलता के लिए उत्पाद की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में सवारियों से भरी HRTC बस की ब्रेक फेल, खाई में लटका टायर; मची चीख-पुकार
दूसरे महिला समूहों के लिए बन सकती है मिसाल
ठाणा में शुरू हुआ यह प्लांट चौपाल क्षेत्र के अन्य महिला समूहों और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। यदि महिला संगठन इस उद्यम को सफलतापूर्वक संचालित करने में कामयाब रहता है तो प्रदेश के दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह के स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होने से महिलाओं को अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में ही काम का अवसर मिलेगा और परिवार की आय में उनका योगदान बढ़ेगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : बहन के घर जाने के लिए निकली महिला लापता, पुल के नीचे इस हाल में मिली देह
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता ग्रामीण महिला समूह
ठाणा की महिलाओं की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों और सामूहिक प्रयासों के जरिए नए कारोबार खड़े किए जा सकते हैं। 'HIMJAL' के जरिए महिला ग्राम संगठन अब केवल योजना के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि एक उद्यम संचालक के तौर पर अपनी भूमिका निभाएगा।
