#हादसा
September 10, 2026
हिमाचल में सवारियों से भरी HRTC बस की ब्रेक फेल, खाई में लटका टायर; मची चीख-पुकार
बस में सवार थे 17 यात्री, ब्रेक फेल होते ही यात्रियों की अटकी सांसें
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर सफर कितना जोखिम भरा हो सकता है, इसका एक और खौफनाक मामला किन्नौर जिले में सामने आया है। रूपी वैली से पिओ जा रही सवारियों से भरी HRTC बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए, जिसके बाद बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। करीब 17 यात्रियों की जान उस वक्त सांसत में आ गई, जब पोषपा के पास मोड़ पर बस को रोकना मुश्किल हो गया।
जानकारी के अनुसार HRTC बस रूपी के मझगांव से पिओ की ओर जा रही थी। पोषपा के समीप अचानक बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। पहाड़ी सड़क पर मोड़ और नीचे गहरी ढलान होने के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही पलों में बस के भीतर डर का माहौल बन गया और यात्रियों को बड़ा हादसा होने का खतरा सताने लगा। ड्राइवर ने स्थिति को भांपते हुए सूझबूझ से बस को नियंत्रित करने की कोशिश की। उसकी सतर्कता के चलते बस सड़क से नीचे जाने से बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
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हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस अगर सड़क से नीचे उतर जाती तो सीधे सतलुज नदी की ओर जा सकती थी। यात्रियों के मुताबिक, सड़क किनारे बने पैरापिट ने बस को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ यात्रियों ने बताया कि बस का टायर खाई की तरफ लटकने जैसी स्थिति में पहुंच गया था, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
यात्रियों का आरोप है कि बस के ड्राइवर को पहले से ही प्रेशर पाइप फटने की जानकारी थी। इसके बावजूद बस को पिओ की ओर ले जाया गया। यात्रियों का कहना है कि अगर खराबी सामने आने के बाद बस को सुरक्षित स्थान पर रोककर उसकी मरम्मत करवा दी जाती तो ब्रेक फेल होने जैसी खतरनाक स्थिति पैदा नहीं होती।
यात्रियों हरदयाल, राजकुमार, बसंत राम, सेवेश, गोपी और चेत राम सहित अन्य लोगों ने HRTC बस की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ी और खतरनाक रूट पर चलने वाली बसों की तकनीकी जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यात्रियों ने HRTC प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कराने और खराब हालत वाली बसों को रूट पर भेजने से पहले उनकी अच्छी तरह तकनीकी जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
यात्रियों के अनुसार रूपी-पिओ रूट पर चलने वाली यही बस पहले भी करीब छह बार रास्ते में खराब हो चुकी है। उनका दावा है कि इस संबंध में HRTC प्रबंधन से कई बार बेहतर बस उपलब्ध करवाने की मांग की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
बुधवार को ब्रेक फेल होने की घटना ने यात्रियों की चिंता और बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि पहाड़ी सड़कों पर छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। ऐसे में बसों की फिटनेस और समय पर मरम्मत को लेकर HRTC प्रबंधन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।