शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब की अर्ली वैरायटी अब मार्केट में आना शुरू हो चुकी है। जुलाई में सेब सीजन रफ्तार पकड़ लेगा। इसी बीच विभाग और सरकार भी अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई है। बता दें कि बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सचिवालय में एक महत्त्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें सेब सीजन से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई
यूनिवर्सल कार्टन पर भी चर्चा
शिमला सचिवालय में गुरुवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में सेब बागवानों, बागवानी, कृषि, परिवहन और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में यातायात व्यवस्था, यूनिवर्सल कार्टन, ढुलाई दरें, मंडी नेटवर्क, सड़कों की हालत और मार्केटिंग से जुड़ी दिक्कतों को उठाया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में मौसम कूल-कूल : तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश, 5 जिलों में अलर्ट जारी
नीति निर्माण के लिए दो नई कमेटियां गठित
बैठक में यह फैसला लिया गया कि सेब की पैदावार और गुणवत्ता सुधार के लिए बागवानी और कृषि विभाग के साथ दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया जाएगा, जो नीति निर्माण में सहयोग करेंगी।
बागवानों के 14 करोड़ अब भी फंसे
मंत्री ने जानकारी दी कि बागवानों के 14 करोड़ रुपये से अधिक की अदायगी अभी भी व्यापारियों पर बकाया है, जिसकी जांच SIT कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।बता दें कि यह मामला काफी पुराना है मगर अभी तक इस मामले में कोई बड़ी अपडेट सामने नहीं आई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : महिला प्रधान के पति ने मांगी 10 लाख की रिश्वत, कोर्ट ने दोनों को सुनाई जेल की सजा
CA स्टोर पर भी चर्चा
बैठक में बागवानों ने सुझाव दिया कि बड़े-बड़े CA स्टोर्स की बजाय छोटे स्तर पर स्थानीय CA स्टोर्स बनाए जाएं ताकि बागवान अपनी फसल सुरक्षित रख सकें। मंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक बताते हुए जल्द एक कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।
यह भी पढ़ें :यहां से मंगवाई गई वीरभद्र सिंह की प्रतिमा, 23 को होगा अनावरण- विक्रमादित्य का प्रदेशवासियों को न्योता
मंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बागवानों को राहत देना है, और इसके लिए सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसी भी सड़कीय बाधा या ढुलाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
