मंडी। सरकारी ठेकों में कमीशनखोरी आम बात है और इस कमीशन का बंटवारा ऊपर से नीचे तक होता है और यह बात सभी जानते हैं। मगर हिमाचल में तो इमानदारी की गंगा बह रही है। मंडी में पंडोह डैम के आगे ब्यास नदी के किनारे बनने वाली सुरक्षा दीवार का ठेका ऊना के ठेकेदार ने 37 फीसदी घाटे में उठाया है। इससे हैरान लोग एक बड़े घोटाले की आशंका जता रहे हैं।
ठेकेदार ने 11 करोड़ का टेंडर 7 करोड़ में उठाया
ठेका BBMB ने दिया है। बीबीएमबी प्रशासन ने इस काम की अनुमानित कीमत टेंडर दस्तावेजों में 11 करोड़ रुपए बताई थी। लेकिन ऊना के ठेकेदार ने 6 करोड़ 95 लाख की बोली लगाकर ठेका उठाया है। यानी ठेकेदार 37 फीसदी घाटा उठाकर काम पूरा करने को तैयार है। अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि इतनी कम कीमत में ठेकेदार काम पूरा कैसे करेगा?
यह भी पढ़ें : हिमाचल: राशन लेने गए दो दोस्तों का टूटा याराना, खड्ड में बहे- 48 घंटे से नहीं मिला एक का सुराग
आपको बता दें कि इस सुरक्षा दीवार को बनाने की योजना 2023 की आपदा के बाद बनी थी। इस आपदा में ब्यास के पानी ने अपनी हद तोड़कर मंडी शहर में भयंकर तबाही मचाई थी और इसके निशान अभी भी शहर में मौजूद हैं।
इसलिए है भ्रष्टाचार की आशंका
लोगों का कहना है कि या तो BBMB प्रशासन ने इस काम का ओवर एस्टीमेट लगाया और अनुमानिक राशि बढ़ा-चढ़ाकर बताई है। या फिर ऊना के ठेकेदार ने केवल टेंडर हड़पने के लिए जानबूझकर 37 फीसदी कम कीमत में काम पूरा करने का भरोसा दिया है। ऐसे में मंडी शहर के लोगों को बाढ़ के कहर से बचाने वाली इस एकमात्र सुरक्षा दीवार को बनाने में गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, क्योंकि अगर बीबीएमबी का अनुमान सही है तो ठेकेदार घटिया निर्माण सामग्री लगाकर काम पूरा करने की कोशिश करेगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में चिट्टे की खेप लेकर घूम रहे थे दो राजस्थानी युवक, पहुंचे सलाखों के पीछे
पंचायत प्रधानों ने उठाए सवाल
ग्राम पंचायत तांदी, स्योग और जागर जैसी पंचायतों के प्रधानों ने बीबीएमबी के इस प्रोजेक्ट का अभी से विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि अगर 37 प्रतिशत घाटे पर उठाए गए इस टेंडर से काम घटिया क्वालिटी का होता है तो सुरक्षा दीवार टिकी नहीं रहेगा और मुमकिन है कि पहली बारिश में ही डह जाए।
पंडोह इलाके ने दो साल पहले आई भीषण प्राकृतिक आपदा का दंश झेला है और ऐसे में अब कोई भी नहीं चाहता कि उन्हें फिर वही दिन देखना पड़े। लोगों की मांग है कि BBMB टेंडर रद्द कर दोबारा टेंडर बुलवाए। वे यह भी चाहते हैं कि BBMB प्रबंधन सुरक्षा दीवार की गुणवत्ता की जिम्मेदारी ले, ताकि अगर उसे कोई नुकसान हुआ तो भरपाई की जिम्मेदारी भी वही निभाए।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पटवारी की गंदी हरकत- ऑफिस में सर्टिफिकेट बनवाने गई युवती को घर बुलाया और...
BBMB प्रबंधन की दलील गले नहीं उतरी
इस मामले में BBMB प्रबंधन का कहना है कि टेंडर में 5 ठेकेदारों ने भाग लिया था। उनमें ऊना के ठेकेदार ने 6.95 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली लगाई। मगर लोगों को यह बात हजम नहीं हो रही है। उनका कहना है कि केवल इसी आधार पर ठेकेदार को काम सौंप देना कि उसने सबसे कम बोली लगाई, गले नहीं उतरती। BBMB प्रबंधन को यह सवाल करना चाहिए था कि आखिर इतने कम खर्च में काम कैसे पूरा होगा ?
तकनीकी कमेटी करेगी समीक्षा
बवाल मचने के बाद अब BBMB प्रबंधन यह भी कह रहा है कि ठेकेदार ने गुणवत्ता के बारे में लिखित गारंटी दी है। बहरहाल, टेंडर की इस प्रक्रिया की समीक्षा एक तकनीकी समिति को करनी है और अगर इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार का कोई बड़ा खेल हुआ है तो तकनीकी समिति से भी टेंडर को मंजूरी मिल जाएगी। वरना BBMB को टेंडर रद्द कर ठेकेदार की 22 लाख रुपए की सिक्योरिटी को जब्त कर नए सिरे से टेंडर मंगवाना पड़ेगा।
