शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी बढ़ाने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 14 नए उद्योगों की स्थापना और 14 मौजूदा उद्योगों के विस्तार को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
कांगड़ा में बनेगी विदेशी शराब
यह उद्योग हिमाचल के चार जिलों यानी सोलन, सिरमौर, ऊना और कांगड़ा जिला में स्थापित किए जाएंगे। सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में अनुमोदित किए गए नए प्रस्तावों में अब कांगड़ा जिला में विदेश शराब बनेगी। यानी अब कांगड़ा में माल्ट स्पिरिट (ताजा और परिपक्व), जिन, भारत निर्मित विदेशी शराब और पशु आहार का निर्माण शामिल है।
यह भी पढ़ें : लाठी के सहारे सड़कों पर उतरे बुजुर्ग पेंशनर, सुक्खू सरकार से लंबित एरियर-DA की उठाई मांग
6 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
सुक्खू सरकार की इस औद्योगिक नीति से हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों युवाओं को राहत मिलेगी। इस औद्योगिक नीति से सुक्खू सरकार ने प्रदेश के बेरोजगारों को दीवाली का शानदार गिफ्ट दिया है। सुक्खू सरकार राज्य के करीब 6000 बेरोजगारों को नौकरी देने जा रही है।
28 प्रस्तावों को मंजूरी
औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने 14 नए उद्योगों की स्थापना और 14 मौजूदा उद्योगों के विस्तार को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : तहसलीदार विवाद मामले में 7 गिरफ्तार, अब DSP रैंक का अधिकारी करेगा आगे की जांच
6000 बेरोजगारों को मिलेगी नौकरी
इन प्रस्तावों से राज्य में 1734.65 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 6000 लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को अगले पांच महीनों के भीतर धरातल पर उतारा जाए ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े और स्थानीय युवाओं को जल्द रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल अब तेजी से “ग्रीन इंडस्ट्रियल स्टेट” बनने की दिशा में अग्रसर है और सरकार का ध्यान ऐसे उद्योगों को आकर्षित करने पर है, जो पर्यावरण के अनुकूल हों।
मुख्यमंत्री ने कही ये बातें
सीएम सुक्खू ने कहा, “हिमाचल में उद्योग लगाने को लेकर देश-विदेश के निवेशक रुचि दिखा रहे हैं। सरकार सभी आवश्यक मंजूरियां एक ही मंच पर उपलब्ध करा रही है, ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में IT, आईटीईएस, फार्मा, बायोटेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति लागू की जा रही है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस को चकमा देकर भागा नशा तस्कर, डेढ़ साल से बदल रहा था ठिकाने- हुआ अरेस्ट
नए उद्योग जिन्हें मंजूरी मिली
बैठक में स्वीकृत 14 नए उद्योगों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादन इकाइयों को शामिल किया गया है-
- MS अंगुस ढूंडी इंडिया (कांगड़ा)- इंडियन मेड फॉरेन लिकर और पशु चारा निर्माण।
- मेंबर्स फार्मा (सिरमौर)- दवाइयों का उत्पादन।
- जूपिटर सोलरटेक (सोलन)- सोलर सेल निर्माण इकाई।
- मोरपेन मेडिपाथ (सोलन)- दवा निर्माण इकाई।
- OPG मोबिलिटी (सोलन)- इलेक्ट्रिक वाहनों के स्पेयर पार्ट्स निर्माण।
- सुपीरियर बायोटेक लिमिटेड (सोलन)- ड्राई इंजेक्शन, लिक्विड इंजेक्शन और टैबलेट निर्माण।
- एंब्रोस ऑटो कंप लिमिटेड (सोलन)- ऑटो स्पेयर पार्ट्स निर्माण।
- डेजर्ट ईगल आर्म्स (सोलन)- लोहे और स्टील के स्पेयर पार्ट्स निर्माण।
- CBG प्लांट (सिरमौर)- बायोगैस फोम निर्माण।
- बाहरी रेनीवेल (मंडी)- धातु विज्ञान आधारित बायोचार उत्पादन।
- पारस स्पाइसेज (ऊना)- आइसक्रीम और अल्ट्रा हाई टेम्परेचर दूध उत्पादन इकाई।
- मोरपेन हेल्थटेक (सोलन)- हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस निर्माण।
- HP बायोफार्मा (सिरमौर)- बायोटेक्नोलॉजिकल दवाइयों की नई इकाई।
- एवरग्रीन ग्रीनटेक (सोलन)- पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग सामग्री निर्माण इकाई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : स्कूल में हुआ था भतीजी का बेटे के साथ झगड़ा, चाचा ने किया मुंह काला- अब मिली ये सजा
विस्तार की मंजूरी पाए मौजूदा उद्योग
- सिंगल विंडो बैठक में 14 स्थापित उद्योगों को विस्तार की अनुमति दी गई-
- कैंपस एक्टिवेटर (सोलन)- फुटवियर निर्माण का विस्तार।
- एसिस्टोक्राफ्ट इंटरनेशनल (सिरमौर)- करेंसी नोटों के लिए सिक्योरिटी थ्रेड और पिगमेंट निर्माण।
- यूनाइटेड बायोटेक (सोलन)- इंजेक्शन, कैप्सूल, ऑइंटमेंट और सिरप उत्पादन का विस्तार।
- अरिस्टो लेबोरेटरीज (सोलन)- इंजेक्शन निर्माण क्षमता बढ़ाई जाएगी।
- ज्योडस लाइफसाइंसेज (सोलन)- फार्मास्यूटिकल फॉर्मूलेशन, टैबलेट्स और कैप्सूल निर्माण का विस्तार।
- खुराना ओएलईओ केमिकल यूनिट-2 (सोलन)- सोलनॉइड वाल्व और फॉर्मूलेशन का विस्तार।
- सिद्धार्थ सुपर स्पिनिंग मिल्स (सोलन)- सिंथेटिक यार्न उत्पादन में वृद्धि।
- NGG पावर टच इंडिया (ऊना)- डिस्ट्रीब्यूशन और पावर ट्रांसफार्मर उत्पादन।
- माइक्रो सिमलेस (सोलन)- ऑटो कंपोनेंट्स और एल्युमिनियम कास्टिंग।
- यूनिको कॉस्मेटिक (सोलन)- बोतलें और सौंदर्य प्रसाधन कंटेनर निर्माण।
- बालाजी स्टोरेज बैटरीज (सिरमौर)- बैटरी चार्जिंग और पैकेजिंग सुविधा का विस्तार।
- राज इंडस्ट्री (सोलन)- साबुन और सोप नूडल्स निर्माण का विस्तार।
- अल्पला इंडिया (सोलन)- प्लास्टिक बोतल और कैप निर्माण का विस्तार।
- HP इन्फ्रोटेक (सोलन)- इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स निर्माण विस्तार।
यह भी पढ़ें : जब विपक्ष के विधायक ने कसा तंज, 'जय हनुमान' बोलकर सबका दिल जीत गए थे पूर्व CM वीरभद्र सिंह
निवेश और रोजगार का नया अध्याय
सरकार का अनुमान है कि इन नई और विस्तारित औद्योगिक इकाइयों से 6000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इससे हजारों परिवारों को लाभ पहुंचेगा। स्थानीय ठेकेदारों, परिवहन व्यवसायियों और सहायक इकाइयों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हर जिला एक औद्योगिक पहचान के साथ विकसित हो सिरमौर और सोलन को फार्मा हब, ऊना को फूड और डेयरी प्रोसेसिंग सेंटर, जबकि मंडी और कांगड़ा को नवीकरणीय ऊर्जा और हरित उद्योगों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
