शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों (पीईटी) के 355 पद भरने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से जहां हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत और खेल गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
सभी 12 जिलों में होगी भर्ती
इन पदों को बैचवाइज आधार पर भरा जाएगा। इसके लिए 3 और 4 जून को प्रदेश के 12 जिलों में काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अपने ही जिले में काउंसलिंग में शामिल होने की सुविधा दी गई है। अब अभ्यर्थी अन्य जिलों के लिए अपनी प्राथमिकताएं (ऑर्डर ऑफ प्रेफरेंस) फॉर्म में भर सकते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग जिलों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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योग्यता और पात्रता तय
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से डीपीएड/डिप्लोमा या शारीरिक शिक्षा में स्नातक डिग्री (कम से कम 50% अंक) होना जरूरी है। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट भी दी जाएगी।
किन बैच के उम्मीदवार होंगे शामिल
विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कटऑफ बैच तय किए गए हैं। सामान्य श्रेणी में 31 दिसंबर 2005 तक के, जबकि एससी, ओबीसी, एसटी और अन्य वर्गों के लिए 2007-2008 तक के बैच के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।
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रोजगार के साथ बच्चों की फिटनेस पर फोकस
सरकार का यह कदम सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर भी पड़ेगा। लंबे समय से पीईटी शिक्षकों की कमी के कारण खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। अब इन पदों के भरने से छात्रों को बेहतर खेल प्रशिक्षण मिलेगा और उनकी शारीरिक फिटनेस में सुधार आएगा।
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युवाओं के लिए बड़ा मौका
यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। सुक्खू सरकार का यह निर्णय न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। कुल मिलाकर, यह पहल एक साथ दो बड़े लक्ष्यों को साधती नजर आ रही है—बेरोजगारी में कमी और स्कूलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा।
