#अपराध
April 22, 2026
हिमाचल : स्कूल जा रही लड़की को जबरन अपने घर ले गया युवक, की नीचता- अब मिली कठोर सजा
परिजनों को बस स्टैंड पर मिली लड़की- सुनाई आपबीती
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार के मामले में सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में इंसाफ पाने के लिए ज्यादातर पीड़िताओं को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। मगर हिमाचल की राजधानी शिमला के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (किन्नौर स्थित) की अदालत ने लगभग 10 महीने की सुनवाई के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कठोर सजा सुनाई है।
यह मामला 21 जून, 2025 को रामपुर बुशहर से सामने आया था। नाबालिग लड़की के साथ एक आदमी ने दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत की थी। इतना ही नहीं आदमी ने नाबालिग लड़की को डराया-धमकाया भी था।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता 21 जून को सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। मगर स्कूल से छुट्टी होने के बाद से लेकर देर शाम तक भी वो वापस घर नहीं लौटी। ऐसे में परिजनों को चिंता सताने लगी- तो उन्होंने अपने स्तर पर बेटी की तलाश शुरू की।
बेटी को ढूंढते-ढूंढते परिजन जब स्कूल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि लड़की स्कूल पहुंची ही नहीं थी। अध्यापकों की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परेशान परिजन बेटी की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे।
इसी दौरान परिजनों को लड़की बस स्टैंड पर मिली। बेटी के हालत देख परिजन दंग रह गए। मां के पूछने पर बेटी ने आपबीती सुनाई। बेटी ने बताया कि सुबह स्कूल जाते वक्त प्रवीण कुमार नाम का आदमी उसे अपने क्वार्टर ले गया। जहां पर उसने उसके साथ जबरदस्ती गंदा काम किया। साथ ही किसी को कुछ ना बताने की धमकी भी दी।
बेटी की बात सुनते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। मां तुरंत अपनी बेटी को लेकर पुलिस थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फिर मामले में चार्जशीट दायर की गई और मामला कोर्ट पहुंचा। जहां पर सुनवाई चली और मुकदमे के दौरान कोर्ट में 17 गवाहों को पेश करने, सभी दलीलों को सुनकर अदालत ने प्रवीण पुत्र कपिल देव- जो कि हरिपुर के गुलेर गांव का रहने वाला है को सजा सुनाई।
अब बीते कल रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (किन्नौर स्थित) ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले प्रवीण को कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने पोक्सो एक्ट के तहत दोषी को 10 साल के कारावास के साथ सात हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना ना देने पर सजा की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।