सोलन। हिमाचल प्रदेश में कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी सड़क हादसों में कई घर उजड़ रहे हैं। प्रदेश की सर्पीली सड़कों को सड़क हादसों का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है। जो कि एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार सड़कों पर आए दिन हो रहे हादसे तेज रफ्तार और चालकों की छोटी सी लापरवाही के चलते हो रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा हिमाचल के सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में भी हुआ है।
खून से लथपथ पड़ा मिला ट्रक चालक
दरअसल यहां एक ट्रक चालक की दर्दनाक मौत हो गई है। ट्रक चालक का शव ट्रक की खिड़की से ठीक नीचे करीब 100 फीट गहरी खाई में बनी पक्की नाली में पड़ा मिला। मृतक नाली के पास औंधे मुंह पड़ा था पूरी तरह से खून से लथपथ था। उसके आसपास भी काफी खून पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है।
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पक्की नाली पर मिली चालक की लाश
इस हादसे में जान गंवाने वाले शख्स की पहचान 54 वर्षीय नरेश कुमार पुत्र केसरी राम गांव टेशन जिला शिमला के रूप में हुई है। यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पांच पर टीटीआर के पास उस समय हुआ, जब ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आशंका है कि चालक रात को ट्रक की ड्राइवर साइड की खिड़की से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 100 फीट नीचे बनी पक्की नाली में जा गिरा। सिर में गहरी चोट आने और अत्याधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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रात के सन्नाटे में हुआ हादसा
हादसे की जानकारी एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा सुबह पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही परवाणू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू भेजा। इस ट्रक में दो अन्य व्यक्ति ओमनीश और अनिल कुमार भी मौजूद थे। जो उसी वाहन में सो रहे थे।
ओमनीश ने बताया कि रात करीब 2 बजे उसने खिड़की खुली देखी थी, लेकिन कुछ खास ध्यान नहीं दिया। सुबह 7 बजे जब वह उठा तो ट्रक के पास ही एक व्यक्ति को औंधे मुंह गिरा देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पूरी पुष्टि हो सकेगी। मगर यह हादसा न केवल एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि राज्य में सड़क सुरक्षा की खामियों को भी उजागर कर गया।
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बढ़ते सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता
हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। पहाड़ी इलाकों में खराब सड़केंए तेज रफ्तारए लापरवाही और थकावट जैसे कारक लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। परवाणू जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट गतिविधियों की भरमार हैए जहां वाहन चालकों को अक्सर विश्राम के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिलते। ट्रकों में ही रात बिताना आम बात हो गई है, जो कई बार जानलेवा साबित हो रही है।
