शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने की कोशिश करने वाली एक युवती की चालाकी कुछ ही मिनटों में धरी की धरी रह गई। मामला बिल्कुल फिल्म ‘मुन्नाभाई’ की कहानी जैसा है, जहां एक बहन अपने सगे भाई की जगह परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंच गई।

 

हालांकि परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट बाद ही उसकी पूरी योजना बेनकाब हो गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया। घटना सामने आने के बाद शिक्षा जगत और विद्यार्थियों के बीच इस मामले की खूब चर्चा हो रही है। वहीं पुलिस भी अब यह पता लगाने में जुट गई है कि इस पूरे प्रकरण में केवल भाई-बहन ही शामिल थे या इसके पीछे कोई और भी था।

भाई की जगह बन गई परीक्षार्थी

जानकारी के अनुसार राजधानी शिमला स्थित राजकीय महाविद्यालय संजौली में इग्नू अध्ययन केंद्र के तहत परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। परीक्षा के दौरान एक युवती अपने भाई के नाम पर परीक्षा कक्ष में बैठ गई और प्रश्नपत्र हल करने लगी।

 

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बताया जा रहा है कि युवती ने अपने भाई की जगह परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने की पूरी तैयारी कर रखी थी। उसे उम्मीद थी कि वह बिना किसी शक के परीक्षा पूरी कर लेगी, लेकिन उसकी यह योजना ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।

ऐसे हुआ ‘मुन्नाभाई स्टाइल’ का खुलासा

परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर की नजर एक परीक्षार्थी पर पड़ी। दस्तावेजों और उपस्थिति से जुड़े विवरणों का मिलान करते समय उन्हें कुछ संदेह हुआ। जब संबंधित परीक्षार्थी से विस्तार से पूछताछ की गई और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि परीक्षा दे रही युवती वास्तव में वह छात्र नहीं थी, जिसके नाम पर परीक्षा हो रही थी। पूछताछ में युवती की पहचान सिरमौर जिले के रोहनाट क्षेत्र की रहने वाली अंबिका के रूप में हुई। उसने स्वीकार किया कि वह अपने भाई रणजीत के स्थान पर परीक्षा देने पहुंची थी।

 

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परीक्षा केंद्र में मचा हड़कंप

मामले का खुलासा होते ही परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया। परीक्षा अधिकारियों ने तुरंत पूरे घटनाक्रम की जानकारी केंद्र अधीक्षक को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित कर लिए गए। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में फर्जी पहचान के साथ प्रवेश करने की योजना कैसे बनाई गई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। जांच अधिकारी परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों, पहचान पत्रों और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रहे हैं।

 

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परीक्षा प्रणाली की सतर्कता से नाकाम हुई योजना

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। यदि इनविजिलेटर की सतर्कता नहीं होती तो फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा देकर आसानी से निकल सकती थी। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित होती है और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है। इसलिए इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

 

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शिमला में चर्चा का विषय बना मामला

राजधानी शिमला में सामने आया यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे वास्तविक जीवन का ‘मुन्नाभाई स्टाइल’ मामला बता रहे हैं, जहां एक बहन अपने भाई को परीक्षा पास करवाने के लिए खुद ही परीक्षा केंद्र पहुंच गई, लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में उसकी पूरी योजना बेनकाब हो गई।

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