#अपराध
July 22, 2026
हिमाचल : चिट्टा न मिलने से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी को कमरे में लट.की मिली देह
पत्नी ने पड़ोसियों को की मदद से दरवाजा तोड़ा
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे का नशा अब सिर्फ युवाओं को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। लगभग हर दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले से नशे की तस्करी, गिरफ्तारी या नशे की वजह से बर्बाद हो रहे परिवारों की खबर सामने आती है।
अब कांगड़ा जिले से एक और बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर प्रदेश में बढ़ते नशे के संकट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांगड़ा थाना क्षेत्र में एक 45 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि वह पिछले दो-तीन दिनों से कथित रूप से चिट्टा नहीं मिलने के कारण मानसिक रूप से परेशान था। सोमवार दोपहर घर में अकेला होने के दौरान उसने फंदा लगा लिया। गंभीर हालत में उसे तुरंत टांडा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। जब मृतक की पत्नी घर लौटी तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों को बुलाया गया और उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा गया।
अंदर जाकर देखा तो व्यक्ति फंदे से लटका हुआ था। परिजन उसे तुरंत उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मृतक लंबे समय से नशे का आदी था। उनका कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से कथित रूप से चिट्टा नहीं मिलने के कारण वह काफी परेशान और बेचैन चल रहा था। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में नशे की लत से जुड़े पहलुओं को जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज में रखा गया है, जहां बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान चिट्टे का नशा तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। पुलिस लगातार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद नशे की गिरफ्त में आने वाले लोगों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के खिलाफ सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता, समय पर उपचार और परिवार व समाज के सहयोग की भी अहम भूमिका है।