#अपराध
July 20, 2026
हिमाचल में पूर्व MLA ने किया घोटाला : गरीबों के खाते में डाले पैसे वापस मांगे, अब खुली पोल
दो कर्मचारियों ने बयानों में की पुष्टि
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधायक निधि के कथित घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस एक पूर्व विधायक के खिलाफ जांच तेज कर चुकी है। आरोप है कि विधायक निधि से आर्थिक सहायता के नाम पर कर्मचारियों के खाते में सरकारी राशि भेजी गई और बाद में वही पैसा वापस ले लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब भ्रष्टाचार के केस के तरह कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच पूर्व विधायक ने अपनी फैक्ट्री के 16 कर्मचारियों के बैंक खातों में जिला प्रशासन के माध्यम से विधायक निधि से 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जारी करवाई। आरोप है कि बाद में कर्मचारियों से अलग-अलग माध्यमों से यह राशि वापस ले ली गई। वापस ली गई रकम करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने पूर्व विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए धारा 17A के अंतर्गत विधानसभा अध्यक्ष से मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलने के बाद पहले से दर्ज FIR में भ्रष्टाचार की धाराएं जोड़कर मामले को और मजबूत किया जाएगा।
विजिलेंस अब तक 16 कर्मचारियों में से दो के बयान दर्ज कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार दोनों कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि उनके खातों में विधायक निधि से 50-50 हजार रुपये आए थे और बाद में यह राशि वापस कर दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए उन्होंने किसी प्रकार का आवेदन नहीं किया था। इस बयान के बाद आरोप सिद्ध होते नजर आ रहे हैं।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि बिना आवेदन के कर्मचारियों को लाभार्थी कैसे बनाया गया और सरकारी सहायता जारी करने की प्रक्रिया किन आधारों पर पूरी हुई। विजिलेंस बैंक खातों के लेनदेन, लाभार्थियों के रिकॉर्ड, जिला प्रशासन से जुड़े दस्तावेज और अन्य कर्मचारियों के बयानों का मिलान कर रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह हिमाचल में विधायक निधि के कथित दुरुपयोग का अपनी तरह का पहला मामला माना जाएगा।