#अपराध
July 22, 2026
हिमाचल जाना चाहती थी ममता : पिता ने नहीं मानी बात- तो उठा लिया गलत कदम; पसरा मातम
तीनों बहनें हिमाचल में चाचा-चाची के साथ रहकर करती हैं पढ़ाई
शेयर करें:

शिमला। बहनों का रिश्ता बेहद खास होता है। एक बहन कहीं दूर चली जाए तो दूसरी का मन भी उसके साथ जाने को मचलने लगता है। कई बार छोटी बहनें भी बड़ी बहनों की तरह उनके साथ रहने और पढ़ाई करने की जिद पकड़ लेती हैं। लेकिन कभी-कभी यही जिद और भावनात्मक लगाव बेहद दुखद घटना की वजह बन जाता है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां अपनी बहनों के साथ हिमाचल प्रदेश में रहकर पढ़ाई करने की इच्छा पूरी न होने से 12 वर्षीय छात्रा कथित तौर पर इतना परेशान हो गई कि उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक गोविंद रायकवार की सबसे छोटी बेटी ममता रायकवार गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी। उसकी तीन बड़ी बहनें अपने चाचा-चाची के साथ हिमाचल प्रदेश में रहकर पढ़ाई करती हैं। ममता भी अपनी बहनों के साथ रहना चाहती थी और उनके साथ हिमाचल जाकर पढ़ाई करने की इच्छा रखती थी।
परिजनों ने बताया कि ममता के जीवन में बचपन से ही काफी मुश्किलें थीं। जब वह मात्र पांच महीने की थी, तभी एक सड़क दुर्घटना में उसकी मां कमला की मौत हो गई थी। इतनी कम उम्र में मां का साया उठ जाने के बाद उसकी परवरिश की जिम्मेदारी उसकी दादी पुष्पा देवी ने संभाली। दादी ने ही उसे बड़ा किया और उसकी देखभाल की।
बताया जा रहा है कि बीते रविवार को ममता की दादी घर के कामकाज में व्यस्त थीं। इसी दौरान ममता घर के ऊपर बने कमरे में चली गई। दादी को लगा कि वह कुछ देर बाद नीचे आ जाएगी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब ममता नीचे नहीं आई तो दादी उसे देखने के लिए ऊपर कमरे में पहुंचीं।
जब दादी कमरे में पहुंचीं तो ममता को देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग इस घटना से पूरी तरह सदमे में हैं और उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि ममता ने इतना बड़ा कदम उठा लिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी प्रकाश सिंह ने बताया कि छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।