#राजनीति
June 7, 2026
‘नशेड़ी की बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए’ नीरज भारती को लेकर सीएम सुक्खू ने की तीखी टिप्पणी
सीएम सुक्खू के इस बयान से गरमाई सियासत, भारती के जवाब का इंतजार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के भीतर मचा घमासान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आए दिन नए बयानों से सुलगती सूबे की सियासत में अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के एक ताजा बयान ने बारूद का काम किया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (CPS) और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। सीएम सुक्खू ने नीरज भारती पर बड़ा पलटवार करते हुए उन्हें अपरोक्ष रूप से 'नशेड़ी' तक कह डाला है, जिसके बाद देवभूमि के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है।
रविवार को राज्य सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद जब मीडिया ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से नीरज भारती के लगातार आ रहे बयानों को लेकर सवाल पूछा तो सीएम ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने नीरज भारती को कोई भी तवज्जो देने से साफ इनकार करते हुए कहा, "नीरज भारती कोई बड़ा मसला नहीं है। अगर कोई नशेड़ी आदमी कोई स्टेटमेंट (बयान) देता है, तो उसे सरकार या मीडिया को सीरियसली (गंभीरता से) नहीं लेना चाहिए। मुख्यमंत्री की इस बेहद तल्ख टिप्पणी के बाद कांग्रेस और विपक्ष दोनों हैरान हैं।
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नीरज भारती पिछले कई सप्ताह से सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय थे और उन्होंने कांग्रेस संगठन तथा सरकार के खिलाफ कई पोस्ट साझा की थीं। उनके बयानों को पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के तौर पर देखा गया। भारती ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और दावा किया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उनके इन बयानों ने कांग्रेस के अंदर असहज स्थिति पैदा कर दी थी।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस संगठन ने नीरज भारती को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि उससे पहले ही उन्होंने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी अनुशासन को बनाए रखने के लिए उठाया गया बड़ा कदम माना गया। लेकिन निष्कासन के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ और लगातार नए घटनाक्रम सामने आते रहे।
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नीरज भारती की मुश्किलें यहीं कम नहीं हुईं, बल्कि भारत में उनका फेसबुक अकाउंट भी रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है, जिससे अब देश का कोई भी यूजर उनकी प्रोफाइल नहीं देख पा रहा है। वहीं, बीते दिनों उनके पिता और सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने भी बेटे के बयानों से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया था। पिता के इस रुख से आहत होकर नीरज भारती ने भी एक कदम आगे बढ़ाते हुए अपने पिता की राजनीतिक यात्रा से खुद को हमेशा के लिए अलग करने का बड़ा ऐलान कर दिया था।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के बीच कांग्रेस के भीतर सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे मतभेद पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहे हैं। एक तरफ संगठन अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष के स्वर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। नीरज भारती के निष्कासन के बावजूद विवाद का लगातार सुर्खियों में बने रहना यह संकेत देता है कि मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर नीरज भारती की अगली प्रतिक्रिया पर टिक गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह मुख्यमंत्री के बयान पर क्या जवाब देते हैं और कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे प्रकरण को किस दिशा में ले जाता है। फिलहाल इतना तय है कि हिमाचल कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ यह सियासी विवाद अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।