शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार में रोक लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के चलते आए दिन नशा तस्करों की संपत्ति भी सीज की जा रही है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला राजधानी शिमला से सामने आया है।
नशा तस्करों की 40.5 लाख की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए तीन अलग-अलग मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये की संपत्ति सीज की है। सीज की गई संपत्ति में बैंक खातों में उपलब्ध रकम के अलावा वाहन भी शामिल हैं। इनमें स्कॉर्पियो-एन, कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी जैसी संपत्तियां शामिल हैं।
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नशे के कारोबार से कमाया पैसा
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसी संपत्तियां और रकम सामने आईं- जिनके संबंध में आरोपी कोई स्पष्ट और वैध आय का स्रोत नहीं बता सके। शुरुआती जांच में इन संपत्तियों का संबंध नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा पाया गया। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति को सीज करने की कार्रवाई की गई।
23 लाख की संपत्ति पर कार्रवाई
पहला मामला शिमला के बालूगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस ने 23 फरवरी, 2026 को दर्ज FIR के तहत ISBT शिमला के पास अविनाश चौहान को करीब 7 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया।
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आर्थिक लेन-देन की जांच
मामले में पुलिस ने आरोपियों से जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच शुरू की। वित्तीय जांच में पुलिस को विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव से संबंधित संपत्ति और पैसों के लेन-देन की जानकारी मिली।
तस्कर ने खरीदी स्कॉर्पियो-N
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर करीब 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-N खरीदी थी। जांच एजेंसी ने इस खरीद के लिए इस्तेमाल रकम के स्रोत को भी जांच के दायरे में लिया।
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एक करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
वित्तीय जांच के दौरान विशाल यादव के बैंक खाते में भी बड़ी मात्रा में पैसों का लेन-देन सामने आया। पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 26 अगस्त, 2026 के बीच उसके खाते में करीब एक करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन दर्ज हुआ।
कहां से आया इतना पैसा?
पुलिस ने इन लेन-देन का विवरण खंगाला और आरोपियों की आय तथा आर्थिक गतिविधियों से इसका मिलान किया। पुलिस के अनुसार इतनी बड़ी रकम के लेन-देन के अनुरूप आरोपियों की ओर से कोई स्पष्ट वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। जांच के आधार पर पुलिस ने स्कॉर्पियो-N और बैंक खाते में उपलब्ध रकम समेत करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति सीज की है।
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तस्कर से मिला 31 ग्राम चिट्टा
दूसरी कार्रवाई रामपुर के कुड़ीधार क्षेत्र से जुड़े मामले में हुई। पुलिस ने मई 2025 में एक किराए के कमरे से करीब 31 ग्राम चिट्टा और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए थे। इस संबंध में रामपुर थाने में 13 मई, 2025 को मामला दर्ज किया गया था।
5 आरोपी हुए गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की वित्तीय स्थिति की जांच भी शुरू की। बैंक खातों और अन्य वित्तीय जानकारियों की पड़ताल के बाद पुलिस ने करीब 9.5 लाख रुपये की संपत्ति सीज की।
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कार, बाइक और स्कूटी सीज
इस कार्रवाई में एक कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक वित्तीय जांच के दौरान इन संपत्तियों को लेकर सामने आए तथ्यों की जांच की गई और इसके बाद इन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई।
2.5 किलो चरस संग तस्कर अरेस्ट
तीसरा मामला रामपुर के नोगली बाजार क्षेत्र का है। पुलिस ने 25 जून, 2025 को नोगली बाजार स्थित बजिर बावड़ी रैन शेल्टर के पास मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
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8 लाख रुपये किए सीज
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की आर्थिक गतिविधियों को भी खंगाला। इसके लिए उसके बैंक खातों के साथ-साथ डाकघर खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार वित्तीय जांच में करीब 8 लाख रुपये की ऐसी रकम सामने आई- जिसका प्रथम दृष्टया संबंध नशे की तस्करी से पाया गया। इसके बाद इस रकम को सीज कर दिया गया।
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2026 में कितनी संपत्ति सीज?
शिमला पुलिस के मुताबिक, इस साल में अब तक NDPS मामलों की वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं।
2024-2025 में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई?
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में NDPS मामलों में इस तरह की वित्तीय जांच नहीं की गई थी। इन दोनों वर्षों के दौरान नशे के कारोबार से जुड़ी किसी अवैध संपत्ति को सीज नहीं किया गया था।
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कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदीं?
पुलिस अब नशा तस्करी से जुड़े मामलों में आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों को भी जांच का अहम हिस्सा बना रही है। इसके तहत यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशे के कारोबार से प्राप्त रकम कहां निवेश की गई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं।
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सिलसिलेवार पढ़ें पूरी खबर
- नशा तस्करों की 40.5 लाख की संपत्ति सीज : शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े तीन मामलों में कुल 40.5 लाख रुपये की संपत्ति सीज की है।
- ISBT शिमला में पकड़ा तस्कर : यहां करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति सीज हुई- जिसमें 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-N और बैंक खाते की रकम शामिल है।
- करोड़ों का लेन-देन : नशा तस्कर विशाल यादव के बैंक खाते में जनवरी 2025 से अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन मिला, जिसका स्पष्ट वैध आय स्रोत नहीं मिला।
- दो मामलों में कुल 17.5 लाख रुपये की संपत्ति सीज : एक मामले में कार, बाइक और स्कूटी। जबकि दूसरे में करीब 8 लाख रुपये की रकम शामिल है।
- 12.5 करोड़ से अधिक की संपत्ति सीज : शिमला पुलिस के अनुसार 2026 में अब तक NDPS मामलों की वित्तीय जांच के आधार पर 12.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सीज की जा चुकी है।
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1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज
आपको बता दें कि हाल ही में नूरपुर पुलिस टीम ने चिट्टा तस्करी से जुड़े एक परिवार के खिलाफ बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए करीब 1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। पुलिस थाना इंदौरा क्षेत्र के छन्नी गांव निवासी दलवीरो और उसके परिवार से संबंधित कुल 1 करोड़ 1 लाख 55 हजार 718 रुपये मूल्य की संपत्तियों को NDPS अधिनियम के प्रावधानों के तहत फ्रीज किया गया है।
कितनी संपत्तियों पर हुई कार्रवाई?
पुलिस जांच के दौरान परिवार से जुड़ी तीन प्रमुख संपत्तियों को चिन्हित किया गया। इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य 1 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें-
- मुख्य आरोपी दलवीरो के नाम की करीब 61.96 लाख रुपये मूल्य की कोठी।
- दलवीरो के बेटे मिथुन उर्फ छप्पर से संबंधित करीब 32.60 लाख रुपये की कोठी और फर्नीचर।
- परिवार की बेटी घरो देवी के नाम दर्ज करीब 6.98 लाख रुपये मूल्य की कार।
