कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नेशनल हाइड्रो पावर की पार्वती परियोजना चरण-3 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। बीते कल यानी 22 मई वीरवार को बरशेणी डैम से अचानक छोड़े गए पानी के चलते पार्वती नदी में अचानक आई बाढ़ में दो लोग बह गए। इनमें से एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हैं।
एसपी को पत्र लिख की यह मांग
जानकारी के अनुसार, एक ओर जहां इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है वहीं दूसरी ओर स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर ने इसे एनएचपीसी की घोर लापरवाही करार देते हुए कुल्लू के एसपी को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
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उनका कहना है कि यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा नहीं बल्कि पूर्व जानकारी और चेतावनी के बावजूद दोहराई गई लापरवाही है, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विधायक ने यह आरोप लगाए
- एनएचपीसी ने बिना सायरन, चेतावनी या समन्वय के डैम से पानी छोड़ा, जो आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देशों और SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) का उल्लंघन है।
- जल स्तर बढ़ने की जानकारी होते हुए भी स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन को जानकारी नहीं दी गई।
- एनएचपीसी पर पहले से ही मलबा डंपिंग, सुरंगों से रिसाव, ग्रामीण सड़कों को नुकसान जैसे कई पर्यावरणीय और संरचनात्मक उल्लंघनों के आरोप हैं।
यह चाहते हैं सुन्दर सिंह
विधायक ने मांग की है कि एनएचपीसी अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए:
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- धारा 106(1)– लापरवाही से मृत्यु
- धारा 125– गैर इरादतन हत्या
- धारा 137– दूसरों के जीवन को खतरे में डालना
- धारा 271– सार्वजनिक उपद्रव
- धारा 273– मशीनरी के संचालन में लापरवाही
पर्यटक बने खतरे में बाधक
विधायक ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। 10 जुलाई 2024 को भी एनएचपीसी ने बिना चेतावनी के डैम का पानी छोड़ा था, जिससे सैंज घाटी में भारी तबाही मची थी। 30 से अधिक घर और 40 दुकानें बह गई थीं। उधर, रेस्क्यू टीमों ने यह भी बताया कि घटना के बावजूद पर्यटक नदी किनारे फोटो खींचने आ रहे हैं, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं।
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यह है पूरा मामला
एनएचपीसी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या सायरन के डैम का पानी छोड़ा गया, जिससे पार्वती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी किनारे मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आकर बह गए। पुलिस और फायर स्टेशन की टीमें जरी, कसोल, कटागला और छलाल क्षेत्रों में रेस्क्यू कर रही हैं। बहरहाल, अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन एसपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी जारी रखने की बात कही है।
