ऊना। हिमाचल प्रदेश में एक तरफ पंचायत चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ कई पुरानी पंचायतों के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। ताजा मामला ऊना जिला के अंब क्षेत्र की ग्राम पंचायत लडोली से सामने आया है, जहां विकास कार्यों और खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर कथित गोलमाल का खुलासा होने के बाद विभाग ने पूर्व पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव पर शिकंजा कस दिया है।

 

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पंचायत द्वारा करीब 2500 रुपये कीमत वाले कूड़ेदान को 6000 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदा गया। मामले ने अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कूड़ेदानों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप

मामले के अनुसार वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत लडोली में सफाई व्यवस्था के नाम पर 28 कूड़ेदानों की खरीद की गई थी। रिकॉर्ड में इन कूड़ेदानों की कीमत 6000 रुपये प्रति कूड़ेदान दिखाई गई] जिस पर पंचायत फंड से कुल 1 लाख 68 हजार रुपये खर्च किए गए।

 

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बाद में जब मामले की जांच हुई तो सामने आया कि बाजार में इन कूड़ेदानों की वास्तविक कीमत करीब 2500 रुपये प्रति यूनिट थी। प्रारंभिक जांच में लगभग 98 हजार रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों के भी होश उड़ गए।

फर्जी हस्ताक्षरों का भी खुलासा

मामला केवल खरीद घोटाले तक सीमित नहीं रहा। जांच के दौरान 24 अप्रैल 2016 को आयोजित ग्राम सभा की कार्यवाही रजिस्टर में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का मामला भी सामने आया। आरोप है कि कई ग्रामीणों के नाम पर बिना उनकी मौजूदगी के हस्ताक्षर दर्ज किए गए।

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इस शिकायत के बाद पंचायत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। फॉरेंसिक जांच और ग्रामीणों से पूछताछ में कई हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

जांच में पूर्व प्रधान] सचिव और तकनीकी सहायक जिम्मेदार

सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच तत्कालीन पंचायत निरीक्षक द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन पंचायत प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक को कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार माना गया। इसके बाद मामला जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय और उपमंडल अधिकारी स्तर तक पहुंचा। जांच पूरी होने के बाद विकास कार्यों में हेराफेरी और रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई।

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अब पुलिस जांच के घेरे में आए पूर्व प्रतिनिधि

ग्राम पंचायत लडोली समिति के अध्यक्ष एवं बीडीओ अंब ओमपाल डोगरा की शिकायत पर थाना अंब में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पूर्व पंचायत प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव और संबंधित तकनीकी अधिकारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।

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बीडीओ अंब ओमपाल डोगरा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पंचायत फंड में कथित गड़बड़ी और रजिस्टर में फर्जी हाजिरी लगाने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। वहीं डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।

पंचायत चुनावों के बीच बढ़ी सियासी चर्चा

प्रदेश में पंचायत चुनावों के माहौल के बीच सामने आए इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि पंचायतों में हुए पुराने विकास कार्यों और खरीद प्रक्रियाओं की भी व्यापक जांच करवाई जाए, ताकि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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