शिमला। देवभूमि के नाम से मशहूर हिमाचल प्रदेश अब कुछ अपराधियों के लिए छिपने का सुरक्षित ठिकाना बनता नजर आ रहा है। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद यहां आकर अपनी पहचान छिपाकर रहने लगे। ताजा मामले में एक पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और छिपने के लिए हिमाचल पहुंच गए। हैरानी की बात ये है कि पिछले 6 साल से ये दोनों पहचान बदल-बदलकर हिमाचल के कई जिलों में रह रहे थे और अब जाकर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।

छह साल पुराने मर्डर केस के आरोपी गिरफ्तार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस को छह साल पुराने मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। समधाना गांव के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर सतीश चंद्र की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी कपिल गंगवार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों को बीते कल रविवार सुबह सरयू पुलिया के पास से उस समय दबोचा, जब वे चोरी-छिपे एक शादी में शामिल होकर लौट रहे थे।

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प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या

बता दें कि 19 मई 2020 को सुनीता ने अपने प्रेमी कपिल के साथ मिलकर पति सतीश को पहले जहर दिया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दरअसल, सुनीता और कपिल के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। जब सतीश को इस रिश्ते की भनक लगी और उन्होंने इसका विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर साजिश रच डाली और उन्हें रास्ते से हटा दिया।

 

हत्या के बाद चार साल से हिमाचल रह रहे थे आरोपी

हत्या के बाद दोनों फरार हो गए थे। शुरुआत में वे करीब दो साल तक नोएडा में छिपकर रहे, जहां कपिल बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करता था। जब पुलिस को उनकी लोकेशन का अंदेशा हुआ, तो दोनों वहां से भी भागकर हिमाचल प्रदेश चले गए और पिछले चार सालों से अलग-अलग जगहों पर पहचान छिपाकर रह रहे थे।

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आरोपियों का पता बताने वालों के लिए रखी थी इनाम

पुलिस ने पिछले साल दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, कपिल हाल ही में अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए गुपचुप तरीके से आया था और सुनीता भी उसके साथ थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और वापसी के वक्त दोनों को पकड़ लिया गया।

बेटी को रखने से परिवार ने किया मना 

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे। वहीं, इस मामले का एक भावुक पहलू भी सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद उनकी बेटी को पुलिस ने अपने संरक्षण में लिया, लेकिन परिवार का कोई भी सदस्य उसे अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं हुआ।

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अनाथ आश्रम भेजी बेटी 

ऐसे में अब बच्ची को अनाथ आश्रम भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और केस की अगली सुनवाई 24 मई को तय की गई है।

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