शिमला। हिमाचल प्रदेश में पुलिस नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस लगातार नशे की जड़ों पर वार कर उसे खत्म कर रही है। ताजा मामला जिला शिमला से पेश आया है। यहां पर पुलिस ने नशे के मुख्य सप्लायर को धरदबोचा है।
नशे की खेप के साथ दबोचा तस्कर
बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत थाना रोहड़ू में दर्ज एक केस से हुई। इस केस में पुलिस ने पहले रोहड़ू निवासी पिंकू राम और टिक्कर क्षेत्र के सुनील पुहारता को 53 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में यह मामला सामान्य नशा तस्करी का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने पूछताछ, मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों की जांच की, वैसे-वैसे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
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हिमाचल में फैला नशा का नेटवर्क
जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस उत्तर प्रदेश के बिजनौर तक पहुंची, जहां से एक और आरोपी सलमान हैदर को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद यह साफ हुआ कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ संगठित गिरोह है, जो हिमाचल प्रदेश तक नशे की सप्लाई कर रहा था।
पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
इसी कड़ी में जांच पंजाब की तरफ आगे बढ़ी, जहां से पुलिस ने मुख्य सप्लायर की पहचान की। पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड पंजाब का रहने वाला थोमस मसीह है, जो लंबे समय से हिमाचल में चिट्टा सप्लाई कर रहा था। लगातार तकनीकी निगरानी, लोकेशन ट्रैकिंग और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 9 मई 2026 को गुरदासपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी काला अफगाना क्षेत्र का रहने वाला है और पूरे नेटवर्क को वहीं से ऑपरेट कर रहा था।
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मामले से जुड़े और हो सकते हैं खुलासे
पुलिस के मुताबिक थोमस मसीह इस पूरे ड्रग नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था, जो अलग-अलग राज्यों के जरिए नशे की खेप हिमाचल तक पहुंचाता था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले में सबसे बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि अब पूरे सप्लाई चैन की कड़ियां खुलने की उम्मीद है और उससे जुड़े कई अन्य लोग भी जल्द गिरफ्त में आ सकते हैं।
चंडीगढ़ के ‘गोलू से खरीदता था नशा
इसी तरह एक और मामले में थाना कोटखाई में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली। इस केस में पहले मोहाली निवासी रमणजीत सिंह और कोटखाई के रुबल चौहान को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से पिस्टल, गैस सिलेंडर पिस्टल और मेथ क्रिस्टल, आइस व हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान रमणजीत सिंह ने खुलासा किया कि वह यह नशा चंडीगढ़ के ‘गोलू’ नामक सप्लायर से खरीदता था।
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आरोपी को धर दबोचा
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए 10 मई 2026 को चंडीगढ़ के दड़ूमाजरा इलाके से गोलू को भी गिरफ्तार कर लिया। शिमला पुलिस के अनुसार इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य अब सिर्फ छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उन बड़े नेटवर्क और मास्टरमाइंड्स को खत्म करना है जो पीछे रहकर इस पूरे कारोबार को चला रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इसी रणनीति के तहत इस साल अब तक 33 बड़े सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
2024 से 2025 तक के आंकड़े
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में सिर्फ 4 बड़े सप्लायर पकड़े गए थे, 2025 में यह संख्या बढ़कर 7 हुई और 2026 में अब तक पुलिस ने 25 से अधिक बड़े ड्रग नेटवर्क तोड़ दिए हैं। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल तक फैली सप्लाई चेन को भी काफी हद तक ध्वस्त कर दिया गया है।
