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May 9, 2026

हिमाचल: डिप्टी कंट्रोलर के अंतिम नोट में हुआ बड़ा खुलासा: पत्नी बोली-ऑफिस में चल रही थी लॉबिंग; मांगी जांच

डिप्टी कंट्रोलर के नोट में मेंटल प्रेशर और सर्विस डिप्रेशन ने प्रशासनिक गलियारों में मचाया हड़कंप

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Shimla MC Deputy Controller

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने नगर निगम और प्रशासनिक महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम के डिप्टी कंट्रोलर रामेश्वर सिंह शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक के घर से मिले सुसाइड नोट ने इस पूरी घटना को मेंटल प्रेशर और सर्विस डिप्रेशन के एक भयानक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस खुलासे के बाद से पूरे सचिवालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

ऑफिस पहुंचने के 20 मिनट बाद ही ले ली छुट्टी

इस पूरे घटनाक्रम में समय की कड़ियां बेहद उलझी हुई नजर आ रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार रामेश्वर सिंह शर्मा उस दिन सुबह 10 बजे रोज की तरह अपने ऑफिस पहुंचे थे। लेकिन महज 20 मिनट बाद यानी 10:20 बजे उन्होंने अचानक छुट्टी ली और अपने घर के लिए निकल गए।

 

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हैरानी की बात यह है कि उनके पास से बरामद सुसाइड नोट पर समय दोपहर 12:31 बजे दर्ज है। पुलिस अब इन ढाई घंटों के भीतर हुए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर ऑफिस से निकलने और सुसाइड नोट लिखने के बीच ऐसा क्या हुआ जिसने उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

मेंटल प्रेशर और ऑफिस लॉबिंग के गंभीर आरोप

रामेश्वर सिंह ने अपने आखिरी नोट में सर्विस डिप्रेशन और मेंटल प्रेशर का विशेष रूप से जिक्र किया है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कार्यालय के भीतर ऐसा क्या माहौल था, जिसके चलते एक उच्च अधिकारी इस कदर मानसिक तनाव की चपेट में आ गया?

 

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मृतक की पत्नी और परिजनों ने सीधे तौर पर ऑफिस में चल रही कथित लॉबिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पत्नी ने अब मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है ताकि उन चेहरों को बेनकाब किया जा सके जिन्होंने उन्हें इस हद तक मजबूर किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्टरू रस्सी से फंदा बना काल

मृतक रामेश्वर सिंह का पोस्टमार्टम इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार मौत का कारण रस्सी से फंदा लगना पाया गया है। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि उनके शरीर पर कहीं भी चोट के कोई अन्य निशान नहीं मिले हैं, जो यह दर्शाता है कि यह मामला सीधे तौर पर फंदा लगाकर जान देने का है। हालांकि, पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और अन्य वैज्ञानिक तथ्यों की जांच कर रही है ताकि मौत के पीछे छिपे असली कारणों का पता चल सके।

 

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विमल नेगी केस की ताजा हुई यादें

डिप्टी कंट्रोलर रामेश्वर सिंह शर्मा की इस दुखद मौत ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के पूर्व अधिकारी विमल नेगी की मौत के मामले की यादें ताजा कर दी हैं। उस वक्त भी विभाग के भीतर मानसिक दबाव और प्रशासनिक व्यवस्था के चलते एक काबिल अधिकारी को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

 

रामेश्वर सिंह मामले में भी जिस तरह से सर्विस डिप्रेशन की बात सामने आई है, उसने यह साफ कर दिया है कि सरकारी विभागों के उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी किस कदर घुटन और दबाव में काम कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस मामले की तह तक जाकर उन कारणों का खुलासा कर पाती है जो रामेश्वर सिंह की मौत की वजह बने।

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