मंडी। मंडी जिले के सराज में चिट्टा तस्करों को मदद करने के आरोप में दो सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार हुए हैं। आरोपियों में बीडीओ ऑफिस जंजैहली में तैनात मनरेगा जूनियर अकाउंटेंट संजय कुमार और बिजली बोर्ड का टी-मेट लाल सिंह उर्फ पप्पू शामिल है। इन्हें मिलाकर पुलिस की एसआईटी ने चिट्टा रैकेट में अभी तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कई मछलियां पुलिस के जाल में
जानकार सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस मामले में उन सभी लोगों की कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन को खंगाल रही है, जिन पर उसे शक है। इसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि जल्दी ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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फरवरी में खुला था मामला
यह मामला इस साल फरवरी में तब खुला, जब पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर भलवाड़ स्कूल के पास 2 लोगों से 44 ग्राम चिट्टा पकड़ा। दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने 6 मार्च को 4 और 3 मार्च को पंजाब के फिरोजपुर से दो और चिट्टा तस्करों को पकड़ा। पुलिस की जांच में पता चला कि सभी आरोपी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बैंक खातों में पैसे का लेन-देन होता रहा।
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कोर्ट से मिली 5 दिन की रिमांड
शनिवार को अरेस्ट हुए संजय कुमार और लाल सिंह उर्फ पप्पू ने भी पुलिस के हाथों पकड़े गए आरोपियों के खातों में पैसे भेजे थे। इस पूरे चिट्टा रैकेट का सरगना आकाश लोहट है। हिमाचल पुलिस को उसकी तलाश है। पुलिस ने आज पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। अब पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर इस रैकेट का पर्दाफाश करने की कोशिश करेगी।
