शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इसी नीति के तहत पुलिस अब पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो चुकी है। लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम अलग-अलग जिलों से कुख्यात नशा तस्करों को एक साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर रही है।
पुलिस का नशा तस्करों पर प्रहार
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने प्रदेश में फैले संगठित नशा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पिछले सिर्फ 24 घंटे में 16 कुख्यात नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई PIT-NDPS एक्ट के तहत की गई है। ये कानून उन लोगों पर लागू होता है- जो लंबे समय से नशे के कारोबार में शामिल हैं।
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जेल में बढ़ रही नशा तस्करों की संख्या
जीरो टॉलरेंस की नीति के निर्देशों के बाद पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। बीते शनिवार को PIT-NDPS एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में 62 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
कहां से पकड़े गए 16 नशा तस्कर?
नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर अलग–अलग जगहों पर लगातार छापेमारी की। यह कार्रवाई साफ दिखाती है कि पुलिस नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह सक्रिय और सख्त है। इस दौरान 16 नशा तस्करों को अरेस्ट किया गया है। जिसमें-
- सोलन
- देहरा-4
- बद्दी- 3
- नूरपुर-2
- हमीरपुर- 1
- मंडी- 1
- सिरमौर- 1
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करोड़ों की अवैध संपत्ति जब्त
आपको बता दें कि साल 2023 में यह कानून लागू होने के बाद से अब तक 46 बड़े नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। पुलिस और एजेंसियों की वित्तीय जांच में इन तस्करों की करीब 48 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। अब तस्कर सलाखों के पीछे हैं और पुलिस इन तस्करों की संपत्ति, बैंक खाते और पैसों के लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।
गांव-गांव तक पहुंचा नशा
सरकार का कहना है कि नशे के इस कारोबार में प्रदेश के चप्पे-चप्पे पर अपने पैर पसार लिए हैं। पूरे प्रदेश में पंचायत स्तर तक यह पता लगा लिया गया है कि कहां-कहां चिट्टा लेने वाले लोग और तस्कर मौजूद हैं। अब हर गांव और पंचायत में नशा निवारण समितियां बनाई जाएंगी- ताकि लोग नशे से बच सकें। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों को नशा विरोधी जागरूकता देने के लिए सिलेबस में एक नया अध्याय जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
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CM का कड़ा संदेश
यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है। 15 नवंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की थी कि इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। वॉकथॉन कार्यक्रम में उन्होंने साफ संदेश दिया कि जो लोग चिट्टा बेचकर युवाओं का भविष्य बिगाड़ते हैं, उनके लिए देवभूमि हिमाचल में अब कोई स्थान नहीं है।
पुलिस की प्रदेशवासियों से अपील
DGP अशोक तिवारी ने प्रदेशवासियों, खासकर युवाओं से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को 112 या नजदीकी थाने में तुरंत साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रदेश सरकार और पुलिस का कहना है कि नशा कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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तीन वर्षों के आंकड़े
- 5642 NDPS मामले दर्ज
- 8216 नशा तस्कर अरेस्चट, महिलाएं भी शामिल
- 36.657 किलोग्राम चिट्टा
- अलग-अलग तरह का नशा बरामद
आगे भी होगी ऐसी कार्रवाई
बीते शनिवार को पुलिस टीम ने जिला कांगड़ा में एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 62.66 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) और नशे की अवैध कमाई से अर्जित 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। पुलिस टीम का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखी जाएगी और नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
