#अपराध
June 14, 2026
हिमाचल मनीषा ह.त्याकांड : मां-बाप की भी हुई थी रहस्यमयी मौ.त, सगे भाई पर आरोप; पुलिस पर सवाल
मनीषा मित्तल ने मांगी थी पुलिस से सुरक्षा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के बाद अब उनकी एक पुरानी वीडियो चर्चा का विषय बन गई है। मनीषा की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है।
इस वीडियो में मनीषा अपने भाई और उसके एक सहयोगी से जान को खतरा होने की आशंका व्यक्त करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
शनिवार शाम स्कूल परिसर के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी में मनीषा मित्तल की मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। मगर घटना के कई घंटे बाद तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया। हत्या के बाद सामने आए वीडियो में मनीषा स्कूल के स्वामित्व और प्रबंधन से जुड़े विवादों का जिक्र करती नजर आती हैं।
वह दावा कर रही हैं कि माता-पिता के जीवनकाल में वह स्कूल की जिम्मेदारियों से जुड़ी रही हैं और बाद में भी संस्थान के संचालन में उनकी भूमिका रही। वीडियो में उन्होंने खुद को परेशान किए जाने और सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
वायरल वीडियो के बाद लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि अगर किसी व्यक्ति ने पहले से खतरे की आशंका जताई थी तो उसकी शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
घटना को लेकर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर किसी नागरिक द्वारा बार-बार सुरक्षा संबंधी चिंता जताई जाती है तो ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने मनीषा की बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, CCTV फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित संदिग्धों के संबंध में विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
आपको बता दें कि मीडिया से बातचीत के दौरान मनीषा मित्तल ने बताया था कि सरस्वती पैराडाइज स्कूल से जुड़ी सोसायटी का गठन वर्ष 2005 में किया गया था।वर्ष 2007 से वह इसके वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर कार्य कर रही थीं।

उनके अनुसार, चार महीने के अंदर माता-पिता की रहस्यमयी मौत हो गई। माता-पिता के निधन के बाद नई गवर्निंग बॉडी का गठन किया गया, जिसके बाद सोसायटी के कामकाज और वित्तीय मामलों को लेकर कई सवाल उठे और मामले की जांच शुरू हुई।
मनीषा मित्तल का दावा था कि वर्ष 2022 में SDM स्तर पर हुई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उनका आरोप था कि उनके भाई हिमांक मित्तल ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और यहां तक कि अपने माता-पिता के हस्ताक्षरों की भी कथित तौर पर जालसाजी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटी और स्कूल के वित्तीय लेनदेन में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई और उनके पिता को भी स्कूल के कामकाज में हो रही कथित अनियमितताओं की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच बैठाई गई।
मनीषा मित्तल ने कहा था कि यह मामला बाद में हाईकोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 दिसंबर 2025 को हुए चुनावों में भी अनियमितताएं पाई गई थीं। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को जब वह स्कूल पहुंचीं तो कुछ समय बाद हिमांक मित्तल की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई कि स्कूल के ताले तोड़े गए हैं।
उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि प्रिंसिपल उनके भाई हिमांक मित्तल के पक्ष में काम कर रहे थे और अभिभावकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर करवाकर उन्हें स्कूल प्रबंधन से हटाने की कोशिश की जा रही थी।
मनीषा मित्तल के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को हिमांक मित्तल कुछ लोगों के साथ स्कूल पहुंचे और वहां ताला लगा दिया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि हिमांक मित्तल के खिलाफ हरियाणा में कई मामले दर्ज हैं।
उनके अनुसार, हिमांक मित्तल ने लगभग 8 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण लिया था और कोविड काल के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई सवाल खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में वह हिमांक मित्तल हरियाणा चले गए।