सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अर्की क्षेत्र के तहत आने वाले जमरोटी (भूमती) के घने जंगल में शिकार के दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
गोली लगने से मौत
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि शख्स को गोली उसी के दोस्त की बंदूक से लगी है। बेटे को जंगल में पिता खून से लथपथ पड़ा मिला था।
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शिकार खेलने गए थे दोस्त
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को जमरोटी गांव का रहने वाला 46 वर्षीय लक्ष्मीकांत अपने कुछ परिचितों के साथ जंगल में शिकार के लिए गया हुआ था। इस दौरान अचानक चली गोली उसके कूल्हे के पास जा लगी।
बेटे को गांव से मिली खबर
गोली लगते ही वह बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और देखते ही देखते खून से लथपथ हो गया। लक्ष्मीकांत के बेटे राहुल ने बताया कि उसे गांव से सूचना मिली कि उसके पिता जंगल में घायल अवस्था में पड़े हुए हैं।
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जंगल में खून से लथपथ पड़ा था पिता
सूचना मिलते ही वह कुछ ग्रामीणों के साथ मौके की ओर दौड़ा। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि उसके पिता बेसुध हालत में खून से लथपथ पड़े हुए थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत चारपाई की मदद से उन्हें जंगल से मुख्य सड़क तक पहुंचाया। फिर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गहरी चोट और अधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
दोस्त की बंदूक से चली गोली
प्रारंभिक जांच और परिजनों की शिकायत के आधार पर सामने आया है कि यह गोली रणजीत सिंह की बंदूक से चली थी। आरोपी रणजीत सिंह, जो मूल रूप से गांव का ही रहने वाला है। मगर वर्तमान में दिल्ली में रहता है और अक्सर गांव आता-जाता रहता था।
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अक्सर जाते थे शिकार पर
बताया जा रहा है कि लक्ष्मीकांत और रणजीत सिंह के बीच गहरी दोस्ती थी और दोनों अक्सर साथ में शिकार पर जाया करते थे। बुधवार को भी वे इसी उद्देश्य से जंगल पहुंचे थे, लेकिन यह शिकार एक दुखद हादसे में बदल गया।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने देर शाम तक जंगल में बारीकी से जांच करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए।
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पुलिस ने दोस्त को किया गिरफ्तार
घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी रणजीत सिंह पुत्र दिला राम को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक और कारतूस भी कब्जे में ले लिए गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर IGMC शिमला में पोस्टमार्टम करवाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
दिहाड़ी मजदूर था लक्ष्मीकांत
लक्ष्मीकांत पेशे से दिहाड़ी मजदूर था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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जानबूझकर चलाई गई गोली?
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली जानबूझकर चलाई गई थी या फिर यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
