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May 1, 2026

अब घर बनाना होगा आसान, IIT मंडी के छात्रों ने बनाया अनोखा डिवाइस- दुबई तक चर्चा

बिना खुदाई बताएगा जमीन के नीचे क्या छिपा है

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के IIT मंडी के छात्रों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है- जिससे अब घर बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित होने जा रहा है। छात्रों ने एक ऐसा अनोखा डिवाइस तैयार किया है- जो बिना खुदाई किए जमीन के नीचे क्या-क्या है इसकी जानकारी दे सकता है।

IIT मंडी के छात्रों ने बनाया अनोखा डिवाइस

ये डिवाइस जमीन के नीचे मौजूद गैस पाइपलाइन, बिजली के तार और अन्य ढांचों की सटीक जानकारी दे सकता है। इस तकनीक की खास बात यह है कि यह न केवल समय और मेहनत बचाती है, बल्कि संभावित हादसों के खतरे को भी काफी कम कर देती है।

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दुबई तक हो रही चर्चा

इस इनोवेशन की चर्चा अब देश से बाहर दुबई तक पहुंच चुकी है। जहां इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है- जिससे इसकी उपयोगिता और भरोसेमंदता साबित हुई है। इस सिस्टम को NCM (नॉन कांटेक्टिंग सिस्टम) नाम दिया गया है।

जमीन के नीचे क्या छिपा है?

इस प्रोजेक्ट से जुड़ी छात्रा अदिति गुप्ता के अनुसार, अभी तक जमीन के नीचे की संरचनाओं की जांच के लिए इंसानी मदद से सर्वे करना पड़ता है- जिसकी क्षमता सीमित होती है।

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बिना खुदाई के पता चलेगा सब कुछ

एक दिन में अधिकतम 5 किलोमीटर तक ही जांच संभव हो पाती है। जबकि यह नई तकनीक 15 से 20 किलोमीटर तक का सर्वे महज कुछ घंटों में कर सकती है और लगातार 8 घंटे तक काम करने में सक्षम है।

 

IIT छात्रों का कमाल: जमीन के नीचे क्या-क्या है, सबकुछ बता देगा NCM

अब नहीं करनी पड़ेगी ज्यादा मेहनत

यह अत्याधुनिक डिवाइस जमीन के नीचे करीब साढ़े तीन मीटर तक की गहराई में मौजूद पाइपलाइन या अन्य संरचनाओं की सटीक जानकारी देने में सक्षम है। इससे पहले ऐसी जानकारी के लिए खुदाई करनी पड़ती थी- जिससे समय और संसाधनों की बड़ी खपत होती थी।

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दुबई में हुआ सफल परीक्षण

इस प्रोजेक्ट पर डॉ. नरेन और डॉ. अमित शुक्ला समेत विशेषज्ञों की टीम ने काम किया है। डॉ. अमित शुक्ला इस तकनीक का इस्तेमाल दुबई में गैस पाइपलाइन की जांच के लिए कर चुके हैं, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दुबाई में भी इस मॉडल की काफी चर्चा हो रही है।

काम करने में खतरा होगा कम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में भारत की बड़ी कंपनियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। खासकर निर्माण कार्यों में, जहां जमीन के नीचे की स्थिति की सटीक जानकारी जरूरी होती है। यह डिवाइस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है और काम को तेज व सुरक्षित बना सकती है।

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