#अपराध
June 15, 2026
हिमाचल : BDC अध्यक्ष पद पर घमासान- महिला सदस्य को मिल रही धमकियां- FIR दर्ज
मतदान के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद अब पंचायत समिति (BDC ) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिला कांगड़ा के फतेहपुर क्षेत्र में चुनाव से ठीक पहले विवाद खड़ा हो गया है। नवनिर्वाचित BDC सदस्य अनुबाला ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में मतदान को लेकर उन पर दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
इस मामले में अनुबाला की शिकायत पर पुलिस थाना फतेहपुर में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में मतदान को प्रभावित करने, राजनीतिक दबाव बनाने, धमकाने और महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस को दी शिकायत में भटोली पकवां निवासी नवनिर्वाचित BDC सदस्य अनु बाला ने आरोप लगाया कि 12 जून की शाम नरनूह निवासी हरप्रीत संधू और रैहन निवासी नवजोत उनके घर पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया। अनुबाला के अनुसार उन्होंने साफ कहा कि मतदान करना उनका लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है और वह अपनी इच्छा के अनुसार वोट करेंगी।
अनुबाला ने आरोप लगाया कि उनकी बात से सहमत न होने पर उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और प्रभाव दिखाकर मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनुबाला का आरोप है कि बाद में कुछ और लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। उन्होंने शिकायत में कहा कि इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और मतदान को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस थाना फतेहपुर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इसकी जांच एएसआई हेमराज को सौंपी है।
पुलिस अधीक्षक नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि पर दबाव बनाने या लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन चुनाव से ठीक पहले एफआईआर दर्ज होने से फतेहपुर क्षेत्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजर 17 जून को होने वाले पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव पर है। यह मामला चुनावी माहौल में काफी अहम माना जा रहा है।