#अपराध
June 15, 2026
हिमाचल: अपने विकलांग बच्चे की लाचारी देख नहीं पाया पिता! पशुशाला में दे दी जा.न; सदमें में परिवार
विकलांग बच्चे की चिंता ने तोड़ दिया पिता का हौसला उठाया खौफनाक कदम
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब घर के मुखिया ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि अपने कलेजे के टुकड़े की लाचारी एक पिता से और अधिक देखी नहीं गई और उसने मौत को गले लगा लिया। इस आत्मघाती कदम के बाद से पूरे क्षेत्र और पीड़ित परिवार में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।
कहते हैं कि जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनके जख्म कभी पूरी तरह नहीं भर पाते। कांगड़ा के इस परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। परिवार अपने विकलांग बच्चे के भविष्य और उसके बेहतर जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। इसी बीच परिवार के मुखिया की मौत ने पूरे घर को गहरे सदमे में डाल दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक अपने विकलांग बच्चे की स्थिति को लेकर अक्सर चिंतित रहता था और उसके भविष्य की फिक्र उसे भीतर ही भीतर परेशान कर रही थी।
जानकारी के अनुसार कांगड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत 39 वर्षीय व्यक्ति का शव उसके घर के समीप स्थित गौशाला में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना का पता चलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतक अपने एक बच्चे के विकलांग होने के कारण लंबे समय से मानसिक दबाव में था। बच्चे की देखभाल और उसके भविष्य को लेकर वह लगातार चिंतित रहता था। हालांकि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव को ही इस दुखद घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई पूरी की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई अमल में लाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद पूरे परिवार की जिंदगी मानो बदल गई है। जिस व्यक्ति के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी थी, उसके अचानक चले जाने से परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियां कई बार व्यक्ति को भीतर से इतना तोड़ देती हैं कि वह गलत निर्णय ले बैठता है। कांगड़ा की यह घटना भी ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी बनकर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।