सोलन। हिमाचल-हरियाणा सीमा पर टोल टैक्स दरों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने सोलन जिले में माहौल को गरमा दिया है। बुधवार सुबह से ही कई टोल प्वाइंट्स पर विरोध और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के स्टेट एंट्री टैक्स पर बढ़ा तनाव
हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सतर्कता बरतते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुबह के समय जैसे ही बढ़ी हुई दरों के साथ टोल वसूली शुरू हुई, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी।
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टोल पर लोगों ने किया विरोध
कई जगहों पर लोगों ने टोल प्लाजा के बाहर इकट्ठा होकर बढ़े हुए शुल्क का विरोध किया। कुछ स्थानों पर बहस और नारेबाजी की स्थिति भी बनी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालात को बिगड़ने नहीं दिया और स्थिति को नियंत्रित रखा।
हरियाणा बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि टोल वसूली पूरी तरह पुलिस की निगरानी में ही की जाए। इसी के तहत ठेकेदार द्वारा बढ़ी हुई दरों पर पर्चियां काटी जा रही हैं। पुलिस कर्मी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह का विवाद तुरंत सुलझाया जा सके।
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एंट्री पॉइंट पर माहौल खराब
नालागढ़ के ढेरोंवाल एंट्री पॉइंट पर भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर वाहन की जांच के साथ टोल वसूली जारी है। विरोध के बीच यहां पुलिस की मौजूदगी और भी ज्यादा कड़ी रखी गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके का जायजा ले रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
लंबे जाम से आम जनता परेशान
टोल बढ़ोतरी के विरोध का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सुबह से ही कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। ऑफिस जाने वाले, स्कूल बसें और जरूरी काम से निकले लोग खासे परेशान नजर आए। कई चालकों ने कहा कि टोल दरों में अचानक बढ़ोतरी से उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, और ऊपर से जाम ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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अलर्ट मोड में प्रशासन
प्रशासन को आशंका है कि दिन चढ़ने के साथ विरोध और तेज हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सके। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर संवाद के जरिए लोगों को शांत करने की कोशिश भी की जा रही है।
क्या रास्ता निकालेगी सरकार?
फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में जरूर है, लेकिन लोगों की नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। अगर टोल दरों को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और उग्र रूप ले सकता है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे लोगों की नाराजगी को समझते हुए कोई संतुलित रास्ता निकालें, ताकि व्यवस्था भी बनी रहे और जनता को राहत भी मिल सके।
