#अव्यवस्था
March 24, 2026
हिमाचल में फिर दरका पहाड़ : बच्चों संग गाड़ियों में फंसे कई परिवार, मची चीख-पुकार
बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरते देख लोगों में मचा हड़कंप
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब साफ मौसम के बीच अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक कर NH-05 पर आ गिरा। देखते ही देखते ऊंची पहाड़ी से विशाल चट्टानें और पत्थरों का मलबा सड़क पर फैल गया।
यह घटना शोंगठोंग क्षेत्र के पास हुई। पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरते देख मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। मलबा गिरने के कारण कई परिवार बच्चों संग गाड़ियों में फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले हल्की-हल्की दरारों की आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों में पूरा पहाड़ी हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। भारी चट्टानों के गिरने से सड़क पर करीब चार फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे NH-05 पूरी तरह से बंद हो गया।

कुछ क्षणों के लिए वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। सबसे राहत की बात यह रही कि जिस समय यह भूस्खलन हुआ, उस दौरान कोई भी वाहन सीधे मलबे की चपेट में नहीं आया। कई वाहन चालक खतरे को भांपकर पहले ही रुक गए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह घटना कुछ सेकंड पहले या बाद में होती, तो भारी नुकसान हो सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर निगुलसेरी में हुए पुराने दर्दनाक हादसे की याद ताजा कर दी। जहां कुछ वर्ष पहले इसी NH पर भूस्खलन ने कई जिंदगियां छीन ली थीं और दर्जनों वाहन मलबे में दब गए थे। किन्नौर में पहाड़ी दरकने की घटनाएं लगातार खतरे की घंटी बजा रही हैं।

भूस्खलन के बाद NH-05 पर आवाजाही पूरी तरह से रुक गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। इस दौरान कुछ लोग अधीर होकर जान जोखिम में डालते हुए मलबे के ऊपर से पैदल गुजरते नजर आए, जिससे कभी भी हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को आंशिक रूप से साफ किया जा सका, जिसके बाद प्रशासन ने एकतरफा यातायात बहाल कर दिया। हालांकि सड़क अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी इलाकों में सफर के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने या अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। अगर कहीं पत्थर गिरते दिखाई दें, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें।