#अव्यवस्था
March 30, 2026
HRTC के बुरे हाल- छत से टपक रहा पानी, ड्राइवर ने छतरी खोलकर चलाई सवारियों से भरी बस
सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही ड्राइवर की वीडियो
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में HRTC बसों की हालत इतनी खस्ता है कि आए दिन या तो चलती बसे खराब हो जा रही हैं। आलम ऐसा है कुछ चलती बसों के तो टायर ही खुल जा रहे हैं। वहीं, अब HRTC दिन-प्रतिदिन इतनी अपग्रेड हो रही है कि बारिश के मौसम में बस चला रहे ड्राइवर और बस में सवार लोगों को बारिश का भी एहसास करवाया जा रहा है।
ऐसा ही एक ताजा मामला चंबा जिले के भरमौर से सामने आया है। जहां पर HRTC बस का ड्राइवर छाता खोलकर बस चलाता हुआ नजर आया। इस घटना की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि HRTC बस की छत से पानी टपक रहा है और इससे बचने के लिए ड्राइवर ने बस के अंदर ही छाता खोल लिया। इस हैरान कर देने वाले वीडियो ने सरकारी परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आपको बता दें कि ये वायरल वीडियो चंबा-होली रूट पर चलने वाली HRTC बस की है। बताया जा रहा है कि ये बस कांगड़ा जिले के बैजनाथ-फटाहर से भरमौर के होली तक चलती है। बीते कल सुबह ये बस चंबा से होली के लिए निकली थी। मगर रास्ते में तेज बारिश शुरू हो गई- जिससे HRTC के खस्ताहाल की पोल खुल गई।
तेज बारिश के कारण HRTC बस की छत से पानी टपकने लगा। इस कारण ड्राइवर और बस में मौजूद सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश इतनी तेज थी कि ड्राइवर को मजबूरन छाता खोलकर सवारियों से भरी बस चलानी पड़ी।
इसी बीच बस की फ्रंट सीट पर बैठे एक यात्री ने ड्राइवर की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। जो कि अब काफी वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

कई लोगों ने लिखा कि यह दृश्य बताता है कि दुर्गम क्षेत्रों में आम जनता किस हाल में सफर कर रही है। कुछ यूजर्स ने कटाक्ष करते हुए लिखा– “बस में छाता लेकर बैठने की नौबत आ गई है, यही है असली व्यवस्था परिवर्तन।”
लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में पुरानी, खराब और खस्ताहाल बसें ही भेजी जाती हैं। ऐसी बसों में रोज सफर करना जोखिम भरा हो गया है, जिससे लोग अब HRTC की बसों से बचने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार इस विषय पर शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
लोगों का कहना है कि सरकार का यही व्यवस्था परिवर्तन है कि अब ड्राइवर और सवारियों बस के अंदर छाता लेकर सफर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि इस व्यवस्था को सामान्य मानते हैं, तो उन्हें जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है।
विदित रहे कि, हिमाचल प्रदेश में रोडवेज के 52 डीपो संचालित हो रहे हैं- जहां से हर दिन हजारों बसें चलती हैं। मगर कुछ डिपुओं की स्थिति बेहद खराब हैं- जहां पर ना तो बसें समय पर चल रहीं हैं और ना ही यात्री भार मिल रहा है। लॉन्ग रूट की बसों के हालात देखकर हर कोई हैरान है। लॉन्ग रूट की कई सरकारी बसें हांफती हुई नजर आती हैं। कुछ जगहों पर तो आलम ऐसा है कि बस मोड़ों पर चढ़ ही नहीं पाती है। ऐसी खस्ताहाल बसों के कारण बस में सफर कर रहे लोगों और चालक-परिचालक को भी काफी परेशान होना पड़ता है।