#अव्यवस्था
March 27, 2026
ना नौकरी की गारंटी- ना समान वेतन, आउटसोर्स कर्मियों ने घेरी सुक्खू सरकार; उठाई ये मांग
विभागों से कर्मचारियों को हटाए जाने से बढ़ा डर
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शिमला। हिमाचल प्रदेश राजधानी शिमला में आउटसोर्स कर्मचारियों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर नजर आया। जहां चौड़ा मैदान में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों ने एकजुट होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई।
दरअसल, इस प्रदर्शन में बागवानी, बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने नारेबाजी के जरिए अपनी समस्याओं को सामने रखा। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले डेढ़ से दो दशकों से लगातार सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो नियमित किया गया और न ही नौकरी की सुरक्षा मिली।
हाल के दिनों में कुछ विभागों से कर्मचारियों को हटाए जाने की घटनाओं ने उनके बीच डर और अस्थिरता का माहौल बना दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद किसी भी समय नौकरी जाने का खतरा बना रहता है, जिससे मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा। कई कर्मचारी महज 13 हजार रुपये के आसपास वेतन पर काम कर रहे हैं, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है।
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उन्होंने यह भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह ही जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उन्हें समान वेतन और सुविधाएं नहीं दी जातीं। ऐसे में “समान काम के लिए समान वेतन” की मांग पूरी तरह जायज है। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल्द ठोस नीति बनाई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि प्रदर्शन के दौरान माहौल गर्म जरूर रहा, लेकिन स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।