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April 1, 2026
हिमाचल में आज से कई बदलाव : बिना HIM कार्ड के बसों में लगेगा पूरा किराया, बिजली मिलेगी सस्ती
हिम बस कार्ड’ अनिवार्य, बिना कार्ड अब नहीं मिलेगी रियायत
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी बसों HRTC में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। बुधवार रात 12 बजे से ‘हिम बस कार्ड’ को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
अब किसी भी प्रकार की रियायती यात्रा का लाभ लेने के लिए यात्रियों के पास यह कार्ड होना जरूरी होगा। बिना कार्ड के सफर करने पर सभी श्रेणियों के यात्रियों, यहां तक कि महिलाओं को भी पूरा किराया देना पड़ेगा।
हालांकि, स्कूली छात्रों को इस नियम में अस्थायी राहत दी गई है। पहली से 12वीं कक्षा तक के छात्र 31 मई तक अपना HIM बस कार्ड बनवा सकते हैं। इस अवधि के दौरान वे पहले की तरह यात्रा कर सकेंगे।
निगम प्रबंधन ने यह फैसला स्कूलों के हाल ही में खुलने, परीक्षाओं के दौर और बदलते मौसम को देखते हुए लिया है- ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। मगर 31 मई के बाद बिना कार्ड किसी भी छात्र को मुफ्त या रियायती यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।
परिवहन निगम के अनुसार अब तक प्रदेशभर में करीब 1.70 लाख हिम बस कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 3 हजार कार्ड अभी प्रक्रिया में हैं, जिन्हें अगले तीन से चार दिनों में जारी करने का दावा किया गया है। निगम ने यह भी साफ किया है कि नए कार्ड बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी, ताकि कोई भी पात्र यात्री इससे वंचित न रह जाए।
हिमाचल में सरकारी बसों में महिलाओं को मिलने वाली 50 फीसदी किराया छूट जारी रहेगी, लेकिन अब यह सुविधा केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिनके पास हिम बस कार्ड होगा। यानी छूट की सुविधा खत्म नहीं हुई है, बल्कि इसे डिजिटल पहचान से जोड़ा गया है।
पहले पुरुष यात्रियों को ग्रीन और येलो कार्ड के जरिए 30 और 20 प्रतिशत की छूट मिलती थी। अब इन दोनों कार्डों को समाप्त कर दिया गया है और उनकी जगह ‘हिम बस कार्ड’ ने ले ली है। परिवहन निगम ने सभी कंडक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना कार्ड किसी को भी रियायत न दें। इस कदम का मकसद व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और फर्जी लाभ लेने वालों पर रोक लगाना है।
निगम का कहना है कि हिम बस कार्ड लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और व्यवस्थित बनाना है। इससे यात्रियों का डेटा सुरक्षित रहेगा और छूट का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा। साथ ही राजस्व में भी पारदर्शिता आएगी।
इसी के साथ नए वित्त वर्ष की शुरुआत में राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को हल्की राहत दी है। अब बिजली दरों में 1 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मामूली फायदा मिलेगा। प्रदेश में करीब 1 लाख 28 हजार उपभोक्ता इससे प्रभावित होंगे।
वहीं दूसरी ओर, शराब के शौकीनों को झटका लगा है। नए ठेकों की नीलामी 10 फीसदी अधिक दर पर होने के कारण शराब की कीमतों में 70 से 180 रुपये प्रति बोतल तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।