शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ ने मंगलवार को शिमला में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका गुस्सा इस बात को लेकर था कि महीने की 4 तारीख गुजरने के बाद भी उनकी सैलरी नहीं आई।

हड़ताल की चेतावनी

गुस्साए कर्मचारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ का कहना है कि नई व्यवस्था में हर महीने विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी को कर्मचारियों के वेतन के लिए सरकार से अनुरोध करना पड़ता है।

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उन्होंने कहा कि पहले यूनिवर्सिटी को इकट्ठे 6 महीने का बजट मिलता था। अब हर महीने सरकार से भीख मांगना पड़ता है।

सैलरी के लिए उतरना पड़ता है सड़क पर

गैर-शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि कर्मचारियों को वेतन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

 

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प्रदर्शन पर उतरे कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज 4 तारीख हो गई है लेकिन अभी तक सैलरी नही आई और न ही प्रशासन इसको लेकर संवेदनशील है।

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा

कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा है यह कैसा व्यवस्था परिवर्तन! न वेतन, न पेंशन! हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के शिक्षकों और कर्मचारियों को महीनें की चार तारीख़ होने के बाद भी वेतन नहीं मिला।

 

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शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ-साथ प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। क्या सुख की सरकार का यही व्यवस्था परिवर्तन है? सरकार से आग्रह है कि सभी को अविलंब वेतन जारी करे।

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