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April 2, 2026

सुक्खू सरकार की आर्थिक सेहत बिगाड़ रहे 10 बोर्ड -निगम, घाटे में HRTC- बिजली Board ने तोड़े रिकॉर्ड

विधानसभा सदन में सीएम ने साझा किए आंकड़े

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Himachal Economy

शिमला। हिमाचल प्रदेश में में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के सामने वित्तीय मोर्चे पर बड़ी चुनौती उभरकर सामने आई है। राज्य के 10 बोर्ड और निगम भारी घाटे में चल रहे हैं, जिनमें HRTC और राज्य बिजली बोर्ड ने नुकसान के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। इन संस्थानों पर बढ़ता कर्ज अब प्रदेश की आर्थिक सेहत पर सीधा असर डाल रहा है, जिससे सरकार की चिंता भी बढ़ गई है।

विधानसभा सदन में सीएम ने साझा किए आंकड़े

दरअसल, विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य के कुल 23 में से 10 बोर्ड और निगम घाटे में चल रहे हैं, जबकि 12 लाभ में हैं। यह वित्तीय स्थिति 31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों पर आधारित है।

 

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सबसे ज्यादा घाटा राज्य बिजली बोर्ड को उठाना पड़ रहा है, जो 3390 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान में है। कभी राज्य को आर्थिक मजबूती देने वाला यह बोर्ड अब खुद संकट में है। इसके अलावा HRTC भी 2272 करोड़ रुपए से अधिक के घाटे में है, जो राज्य के परिवहन ढांचे के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

राज्य वित्तीय निगम भी घाटे में

ऊर्जा क्षेत्र में ही हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमटेड लगभग 976 करोड़ रुपए के नुकसान से जूझ रही है। वहीं राज्य वित्तीय निगम पर 181 करोड़ रुपए का घाटा है। पर्यटन और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्र भी इससे अछूते नहीं हैं- HPTDC करीब 147 करोड़ और राज्य वन विभाग निगम 84 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान में हैं।

 

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इसके अलावा HP मिल्क फेडरेशन पर भी लगभग 7 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया गया है। हालांकि तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। राज्य के कई बोर्ड और निगम अभी भी मुनाफे में चल रहे हैं, जिनमें ऊर्जा संचार निगम, हिमुडा, औद्योगिक विकास निगम, नागरिक आपूर्ति निगम और खादी ग्राम उद्योग बोर्ड जैसे संस्थान शामिल हैं।

भविष्य में उठाए जाएंगे ठोस कदम

सरकार का मानना है कि घाटे में चल रहे इन संस्थानों के वित्तीय सुधार के लिए भविष्य में ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह मुद्दा न केवल आर्थिक बल्कि प्रशासनिक सुधारों से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि इन बोर्डों की स्थिति सीधे तौर पर आम जनता की सेवाओं को प्रभावित करती है।


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