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April 9, 2026

हिमाचल : बताई दुकान से सामान न लाने पर भड़का डॉक्टर, ऑपरेशन करने से मुकरा- मरीज परेशान

मरीज के परिजनों ने जड़े गंभीर आरोप

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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एक 48 वर्षीय महिला का ऑपरेशन टालने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा बताए गए विशेष दुकान से सामान न लाने पर ऑपरेशन आखिरी समय में रोक दिया गया।

सरकारी डॉक्टर की करतूत

पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद तय तारीख पर ऑपरेशन न होने से परिवार ने नाराजगी जताते हुए मामले की शिकायत प्रशासन से की है। मरीज के तीमारदारों द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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ऑपरेशन करने से मुकरा

परिजनों के अनुसार, बदेठी गांव की रहने वाली 48 वर्षीय शाह माली को पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती रखा गया था। मंगलवार को उसके ऑपरेशन की तारीख तय की गई थी। सुबह OT स्टाफ ने उसे ऑपरेशन के लिए तैयार भी कर दिया और बताया गया कि उनका नंबर दूसरा है।

महिला मरीज हुई परेशान

परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही ऑपरेशन हो जाएगा, लेकिन पहले मरीज का ऑपरेशन पूरा होने के बाद स्थिति अचानक बदल गई। उनके स्थान पर किसी अन्य मरीज को ऑपरेशन थिएटर में भेज दिया गया और बाद में बताया गया कि उनका नंबर चौथे स्थान पर कर दिया गया है। 

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परिवार का फूटा गुस्सा

आरोप है कि इसके बाद बिना स्पष्ट कारण बताए ऑपरेशन को टाल दिया गया। जब परिजनों ने कारण जानना चाहा तो उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन से जुड़ा सामान डॉक्टर द्वारा बताई गई दुकान से नहीं लाया गया है, इसलिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इस बात से परिवार आक्रोशित हो उठा।

बेटे ने की शिकायत

महिला के बेटे इकबाल मोहम्मद ने बुधवार को चिकित्सा अधीक्षक के पास लिखित शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि जिस दुकान से सामान लाने के लिए कहा गया था, वहां 23,500 रुपये का बिल बनाया गया। जबकि उन्होंने वही सामान दूसरी दुकान से 17,000 रुपये में खरीदा। ऐसे में महज दुकान बदलने के आधार पर ऑपरेशन टालना न केवल गलत है बल्कि मरीज के साथ अन्याय भी है।

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अस्पताल को लगा देंगे ताला

इकबाल मोहम्मद ने यह भी बताया कि तीसा से चंबा तक इलाज के लिए आने में पहले ही काफी खर्च हो चुका है। पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान दवाइयों और खाने-पीने पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे अस्पताल के बाहर धरना देंगे और जरूरत पड़ी तो ताला तक लगा सकते हैं।

जांच बैठाई, होगी सख्त कार्रवाई

उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत उनके पास पहुंच चुकी है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पता लगाया जाएगा कि ऑपरेशन आखिर किस कारण से टाला गया। अगर किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

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