शिमला। महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर जब शनिवार को अपने घर लौटीं, तो रोहड़ू की वादियों में जश्न का उत्साह उमड़ पड़ा। स्थानीय लोगों ने रेणुका को सम्मानस्वरूप चांदी का मुकुट पहनाया और गर्व से उनका स्वागत किया।
रेणुका को पहनाया चांदी का मुकुट
यह पहला मौका था जब विश्व कप जीत के बाद रेणुका अपने पैतृक क्षेत्र पारसा गांव पहुंचीं। गांव से लेकर रोहड़ू बाजार तक हर कदम पर उनका स्वागत ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी, फूलों की वर्षा और जयघोष के बीच हुआ।
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सबसे पहले लिया कुलदेवी का आशीर्वाद
घर पहुंचने से पहले रेणुका सीधे कुलदेवी मां हाटेश्वरी मंदिर, हाटकोटी पहुंचीं। उनके साथ उनकी मां सुनीता ठाकुर, भाई विनोद ठाकुर, भाभी साक्षी और चाचा भूपेंद्र ठाकुर मौजूद रहे। मंदिर में माथा टेकने के बाद रेणुका ने कहा कि घर लौटकर मन को एक अलग ही शांति मिली है। बचपन से सपना था कि देश के लिए खेलूं और विश्व कप उठाऊं। आज जब यह सपना पूरा हुआ है, तो सबसे पहले आशीर्वाद लेना ही उचित था।
मेहदली और रोहड़ू में भव्य स्वागत
मां हाटेश्वरी के दर्शन उपरांत, मेहदली में स्थानीय निवासियों ने फूलों की वर्षा के बीच रेणुका का अभिनंदन किया। इसके बाद रोहड़ू प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उनका भव्य स्वागत हुआ, जहाँ स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी लेने, बधाई देने और रेणुका को देखने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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विश्व कप की चुनौतियां
रेणुका ने बताया कि न्यूजीलैंड और खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मैच के दौरान टीम पर काफी दबाव था, लेकिन एक-दूसरे पर भरोसा और संयम ने टीम को जीत दिलाई।
‘मोर ड्रॉइंग’ की कहानी
उन्होंने अपनी वायरल हुई “मोर ड्रॉइंग” के बारे में कहा ड्रेसिंग रूम में माहौल थोड़ा तनाव भरा हो जाता है। मैंने मूड हल्का करने और टीम में सकारात्मकता लाने के लिए वह चित्र बनाया था।
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परिवार का अहम योगदान
रेणुका ने इस मौके पर अपने परिवार और विशेषकर चाचा भूपेंद्र ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर चाचा ने मुझे HPCA अकादमी में दाखिला न दिलवाया होता, तो शायद आज मैं यहां तक नहीं पहुंच पाती।
प्रधानमंत्री की सराहना और सरकार का सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनकी मां के संघर्ष की सार्वजनिक प्रशंसा पर रेणुका ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गौरव और भावनाओं से भरा क्षण था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी फोन पर बधाई दी और राज्य सरकार ने रेणुका को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
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अब लोगों की सोच बदलेगी
रेणुका बोलीं “टीम के सदस्यों में से सबसे पहले हमारे राज्य ने पुरस्कार और सम्मान की घोषणा की। यह हमारे लिए विशेष गर्व की बात है। रेणुका ने कहा कि इस जीत से देश में बेटियों को लेकर सोच में बदलाव आएगा।
महिला IPL ने भी बहुत बदलाव किया है। आज लड़कियाँ अपने सपनों को लेकर निडर हो रही हैं। मेरी जीत अगर किसी एक बच्ची को आगे बढ़ने का साहस दे, तो यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
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परिवार में उल्लास और गर्व का माहौल
विश्व कप जीतकर घर लौटी रेणुका अब सिर्फ अपने गांव की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नई प्रेरणा बन चुकी हैं। परिवार, रिश्तेदार, गाँववासी और पूरा रोहड़ू क्षेत्र आज गर्व से भरा हुआ है।
रेणुका ने कहा कि पहले मैं कहती थी मेरा घर शिमला है, अब मैं गर्व से कहती हूं– मेरा घर रोहड़ू है।
