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May 20, 2026

हिमाचल: ढाई साल के बेटे की परवरिश के साथ अंजना ने हासिल किया बड़ा मुकाम, बनीं स्टाफ नर्स

छोटे बेटे के साथ संभाली पढ़ाई की जिम्मेदारी

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Bilaspur News

बिलासपुर। आज के समय में जहां कई युवा एकांत में रहकर और घंटों पढ़ाई करने के बाद भी सफलता हासिल नहीं कर पाते, वहीं जिला बिलासपुर की एक महिला ने परिवार और छोटे बच्चे की जिम्मेदारियों के बीच बड़ी कामयाबी हासिल कर मिसाल पेश की है। अंजना देवी ने अपने ढाई साल के बेटे की देखभाल करते हुए सहायक स्टाफ नर्स (पोस्ट कोड 26004) परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से परिवार और पूरे इलाके में खुशी

बिलासपुर की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान

बता दें कि जिला बिलासपुर के ग्राम जनैड़ की रहने वाली अंजना देवी ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। अंजना देवी का चयन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सहायक स्टाफ नर्स के पद पर हुआ है। उन्होंने भर्ती परीक्षा में 95.4563 अंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

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परीक्षा में शानदार प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार सहायक स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 20 और 21 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद 30 अप्रैल से 12 मई तक दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पूरी हुई। अंतिम परिणाम में अंजना देवी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चयन हासिल किया। उनकी सफलता से परिवार बेहद खुश है।

नैरचौक मेडिकल कॉलेज से की नर्सिंग की पढ़ाई

अंजना देवी ने वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल नर्सिंग कॉलेज नैरचौक से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान उन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने अपना सपना पूरा किया।

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छोटे बेटे के साथ संभाली पढ़ाई की जिम्मेदारी

अंजना देवी ने बताया कि जब उनका चयन बीएससी नर्सिंग कोर्स में हुआ था, तब उनका बेटा केवल ढाई साल का था। छोटे बच्चे की जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई करना उनके लिए आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि पढ़ाई जारी रखना मुश्किल लगने लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

उन्होंने दिन-रात मेहनत की और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा। अंजना का कहना है कि अगर इंसान मेहनत और लगन से काम करे तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती।

पति और सास ने दिया पूरा सहयोग

अंजना देवी ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पति गगन और सास को दिया। उन्होंने बताया कि परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। खासकर बच्चे की देखभाल में परिवार ने पूरा सहयोग किया, जिससे वह अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दे सकीं।

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महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

आज अंजना देवी की सफलता उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर भरोसा हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

गांव में खुशी का माहौल

अंजना देवी के चयन के बाद ग्राम जनैड़ और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोग उनकी मेहनत और संघर्ष की सराहना कर रहे हैं।

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