#उपलब्धि
May 21, 2026
हिमाचल : पिता के नक्शे कदम पर चली बेटी , नौसेना में बनी सब-लेफ्टिनेंट; परिवार में खुशी की लहर
कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ चुना देश सेवा का रास्ता
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ऊना। हिमाचल प्रदेश की बेटियां लगातार नए मुकाम हासिल कर प्रदेश का नाम देशभर में रोशन कर रही हैं। अब ऊना जिले के चिंतपूर्णी क्षेत्र के गांव की होनहार बेटी अवनी ठाकुर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे प्रदेश को गर्व का अवसर दिया है।
शिवपुरी गांव की अवनी का चयन भारतीय नौसेना की एग्जीक्यूटिव ब्रांच में सब-लेफ्टिनैंट के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है। वह आगामी 13 जुलाई से भारतीय नौसेना अकादमी में अपनी ट्रेनिंग शुरू करेंगी।
अवनी ठाकुर की इस सफलता के बाद पूरे परिवार व क्षेत्र में खुशी की लहर है। गांव और आसपास के इलाकों में लोग परिवार को बधाइयां दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अवनी ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाया है।
परिजनों ने बताया कि अवनी में देश सेवा का जज्बा बचपन से ही था। अवनी के पिता अजय कुमार भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं। बचपन से ही पिता को सफेद वर्दी में देश की सेवा करते देख अवनी के मन में भी नौसेना में जाने की प्रेरणा जगी।
अवनी की माता रितु ठाकुर गृहिणी है। जबकि उनका छोटा भाई विश्वविद्यालय में Btech की पढ़ाई कर रहा है। परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।
पिता की नौकरी के कारण अवनी की प्रारंभिक शिक्षा देश के कई शहरों में हुई। उन्होंने नेवी चिल्ड्रन स्कूल विशाखापट्टनम, मुंबई और दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित एक विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटैक की डिग्री हासिल की।
भारतीय नौसेना में चयन से पहले अवनी मुंबई स्थित एक जापानी कंपनी के मुख्य कार्यालय में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। अच्छी नौकरी होने के बावजूद उन्होंने देश सेवा को प्राथमिकता दी और अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे।
अवनी का परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके चाचा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनके चचेरे भाई मनन ठाकुर इस समय भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
परिवार की इसी प्रेरणा और माहौल ने अवनी को भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। अवनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और दादा-दादी को दिया है। उनके दादा स्वर्गीय बलदेव सिंह एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल थे। परिवार के अनुसार उन्होंने हमेशा अवनी को जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करने और समाज के लिए कुछ अलग करने की प्रेरणा दी।
आज अवनी ठाकुर की सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।