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May 27, 2026

हिमाचल : फेफड़ों में भरा पानी, नहीं मानी हार- बहादुर बेटी ने एक बार फिर चमकाया प्रदेश का नाम

कुसुम ठाकुर ने गोल्ड मेडल जीत रचा इतिहास

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मंडी। कहते हैं कि हौसले अगर मजबूत हों तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक पातीं। इसका जीवंत उदाहरण मंडी जिले के पंडोह क्षेत्र की युवा धावक कुसुम ठाकुर ने पेश किया है। बैला गांव की कुसुम ने फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में हिमाचल का नाम रोशन कर दिया है।

हिमाचल का नाम किया रोशन

झारखंड के रांची में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कुसुम ठाकुर ने 200 मीटर की दौड़ मात्र 23.94 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड कायम कर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ टाइमिंग रही।

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हिमाचल की पहली महिला धावक

इसके साथ ही वह हिमाचल प्रदेश की पहली महिला धावक बन गई हैं- जिसने 200 मीटर दौड़ इतनी कम समय में पूरी की हो। उनकी इस उपलब्धि से प्रदेशभर में खुशी का माहौल है।

दोनों फेफड़ों में भरा पानी

कुसुम की सफलता केवल एक पदक की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और वापसी की मिसाल भी है। कोविड काल के दौरान गंभीर बीमारी ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। उनके दोनों फेफड़ों में पानी भर गया था और डॉक्टरों ने उन्हें दौड़ने से साफ मना कर दिया था।

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कुसुम ने नहीं मानी हार

लगभग दो वर्षों तक वह ट्रैक से दूर रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन दौर से बाहर निकलकर उन्होंने फिर से अभ्यास शुरू किया और अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी दमदार वापसी दर्ज कराई।

 

फेफड़ों में भर गया था पानी, छोड़ना पड़ा था दौड़ना, पुजारी की बेटी ने जीता गोल्ड

अपनी ही टाइमिंग को दी मात

इससे पहले वर्ष 2024 में ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी कुसुम ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया था। उस समय उन्होंने 24.13 सेकंड में दौड़ पूरी की थी। लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अब अपनी ही टाइमिंग को पीछे छोड़ दिया है।

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बचपन से ही था खेलों का शौक

कुसुम ठाकुर ने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों का शौक था। उन्होंने चौथी कक्षा से अपने भाई हरीश चंद्र के साथ दौड़ना शुरू किया था। परिवार के सहयोग और कठिन मेहनत ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। कुसुम ने अपनी सफलता का श्रेय देव श्री सत बालाकामेश्वर बन्यूरी के आशीर्वाद और निरंतर अभ्यास को दिया।

 

Lungs Filled with Fluid Advised Against Running Now She Brings Home Gold Kusum Thakur Mandi

पुजारी हैं कुसुम के पिता

कुसुम मंडी के राजकीय वल्लभ महाविद्यालय की छात्रा रह चुकी हैं और वर्तमान में पंजाब की गुरु काशी यूनिवर्सिटी से BA की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता डोलू राम सत देव बालाकामेश्वर के पुजारी हैं, जबकि माता हंसा देवी गृहिणी हैं। उनके भाई हरीश राणा पढ़ाई कर रहे हैं और बहन अनु प्रिया पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

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लंबी कूद में भी दिखाया दम

भारत के स्टार पैरा एथलीट निषाद कुमार ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बंगलूरू के कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित 8वीं ओपन पैरा नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने नया इतिहास रच दिया।

 

MANDI GIRL KUSUM THAKUR WON GOLD MEDAl

निषाद ने बनाई अलग पहचान

अब तक हाई जंप के स्थापित खिलाड़ी के रूप में पहचान बना चुके निषाद कुमार ने पहली बार लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा लिया और अपने पहले ही प्रयास में 7.25 मीटर की शानदार छलांग लगाई। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.34 मीटर की छलांग लगाकर सभी को प्रभावित कर दिया।

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उनके इस दमदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने जापान के नागोया में होने वाले आगामी एशियन पैरा गेम्स के लिए लंबी कूद स्पर्धा में सफलतापूर्वक क्वालिफाई कर लिया है। निषाद की इस उपलब्धि को भारतीय पैरा खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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