ऊना। मेहनत और आत्मविश्वास से बड़ा कोई हथियार नहीं होता- यह साबित किया है हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बेटे रिदम ओहरी ने। रिदम ने पहले ही अटेंप्ट में NEET क्वालीफाई कर लिया है।

पहले प्रयास में NEET किया क्वालीफाई

रिदम ऊना नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-9 के रहने वाले हैं। रिदम ने NEET 2025 में 546 अंक हासिल किए हैं। NEET क्वालीफाई कर उन्होंने हिमाचल के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक IGMC शिमला में MBBS कोर्स के लिए दाखिला हासिल किया है। रिदम की इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

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पढ़ाई में हमेशा रहे अव्वल

रिदम ओहरी ने दसवीं कक्षा की पढ़ाई ऊना माउंट कार्मेल स्कूल से की है। जबकि, बारहवीं कक्षा उन्होंने श्री बीआरएन मॉडल स्कूल, ऊना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने NEET की तैयारी गंभीरता और अनुशासन के साथ की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

परिवार और शिक्षकों का सहयोग बना प्रेरणा

रिदम के पिता राजीव कुमार अध्यापक हैं और मां मीनाक्षी गृहिणी। साधारण परिवार से आने वाले रिदम ने अपने माता-पिता की प्रेरणा और शिक्षकों के मार्गदर्शन को सफलता की कुंजी बताया। उनका कहना है कि उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा आत्मविश्वास बनाए रखने और कड़ी मेहनत करने की सीख दी। रिदम का मानना है कि परिवार और गुरुओं का आशीर्वाद ही उन्हें इस मुकाम तक ले आया।

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समाज सेवा का रखा लक्ष्य

रिदम ओहरी ने कहा मैं डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहता हूं। मेरा सपना है कि मैं जरूरतमंदों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाऊं और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाऊं। रिदम की सफलता से परिवार ही नहीं बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। 

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