मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की बेटी नेहा देवी ने 12वीं कक्षा के रिजल्ट में बड़ी सफलता पाई है। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देउरी की छात्रा नेहा ने अपनी कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सीमित संसाधनों के बावजूद ऐसा मुकाम हासिल किया है- जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गया है।
नेहा ने किया टॉप
आर्ट्स संकाय में प्रदेशभर में 9वां स्थान प्राप्त कर नेहा ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। नेहा ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं, जो उसकी लगन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
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स्कूल में बिना शिक्षक के पढ़ाई
इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि जिस विद्यालय में नेहा पढ़ती है, वहां पिछले दो वर्षों से इतिहास विषय के प्रवक्ता का पद खाली चल रहा है। इसके बावजूद नेहा ने हार नहीं मानी और स्वयं अध्ययन के साथ-साथ अन्य शिक्षकों के सहयोग से इतिहास में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
शिक्षिका बनना चाहती हैं नेहा
यह दर्शाता है कि उसने सिर्फ किताबों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि विषय को गहराई से समझने का प्रयास किया। नेहा का कहना है कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने अनुशासन ने उसे इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की। अब वह भविष्य में शिक्षिका बनकर समाज में शिक्षा का प्रसार करना चाहती है।
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किसान हैं नेहा के पिता
नेहा का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। उसके पिता हेम राज एक किसान हैं, जो मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि नेहा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है और हमेशा कुछ नया सीखने की चाह रखती थी।
सरकारी स्कूल में पढ़ी नेहा
पहली कक्षा से लेकर अब तक उसने अपनी पूरी शिक्षा सरकारी स्कूल में ही प्राप्त की है और हर कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होती रही है। यह निरंतरता उसकी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है।
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एक घंटा पैदल चल जाती थी स्कूल
नेहा की सफलता की राह आसान नहीं रही। उसका स्कूल घर से लगभग एक घंटे की पैदल दूरी पर स्थित है, जिसे वह रोजाना तय करती थी। पहाड़ी रास्तों पर सुबह-शाम का यह सफर भी उसकी पढ़ाई के उत्साह को कम नहीं कर पाया।
मां का हाथ बंटाती है
इसके साथ ही वह घर के कामों में भी अपनी मां का हाथ बंटाती रही, लेकिन इन जिम्मेदारियों के बीच भी उसने अपनी पढ़ाई को कभी नजरअंदाज नहीं किया। उसकी माता एक गृहणी हैं, जबकि उसका छोटा भाई 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।
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खुशी और गर्व का माहौल
नेहा की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है। सुबह से ही उनके घर पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और क्षेत्र के लोगों का आना-जाना लगा हुआ है, जो उसे बधाई देने पहुंच रहे हैं। पिता हेम राज का कहना है कि उनकी बेटी ने पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और वे उसकी आगे की पढ़ाई में कोई भी कमी नहीं आने देंगे।
बड़ा मुकाम किया हासिल
विद्यालय प्रबंधन ने भी नेहा की इस शानदार सफलता पर गर्व जताते हुए उसे शुभकामनाएं दी हैं। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि नेहा जैसे छात्र-छात्राएं ही सरकारी स्कूलों की असली पहचान हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत से बड़े मुकाम हासिल करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नेहा भविष्य में भी इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएगी और समाज के लिए एक आदर्श बनेगी।
