#उपलब्धि
April 23, 2026
हिमाचल के दुर्गम क्षेत्र की बेटी सेना में बनी लेफ्टिनेंट, घाटी की पहली महिला सैन्य अधिकारी बनी काजल
काजल ठाकुर ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर रोशन किया परिवार का नाम
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चंबा। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज केवल चूल्हा-चौका या घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं हैं] बल्कि वे सात समंदर पार और सरहदों की रक्षा तक अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं। देवभूमि की युवतियां अब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे निकलकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का जज्बा रखने वाली भारतीय सेना का गौरवपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। इसी कड़ी में चंबा जिले के पिछड़े माने जाने वाले उपमंडल चुराह की बेटी काजल ठाकुर ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।
चुराह घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्र से निकलकर सेना में अधिकारी बनना काजल ठाकुर की मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वह इस क्षेत्र की पहली बेटी बनी हैं] जिन्होंने सेना में अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकते।
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कोलकाता में आयोजित सैन्य पासिंग आउट परेड के दौरान जब काजल ठाकुर के कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए गए, तो न केवल पूरा परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, बल्कि चंबा की दुर्गम पहाड़ियों में बसे उनके पैतृक गांव डिकरीयूंड (भंजराड़ू) में खुशी की लहर दौड़ गई। वह चुराह घाटी की पहली ऐसी बेटी हैं जिन्होंने सेना में अधिकारी बनकर एक नई मिसाल पेश की है।
एक साधारण परिवार में पली-बढ़ी काजल ने बचपन से ही अनुशासन और मेहनत को अपनी ताकत बनाया। उनके पिता शिक्षक हैं और माता गृहिणी हैं। परिवार के संस्कार और अपनी लगन के बल पर उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल किया। जब वह अधिकारी के रूप में सम्मानित हुईं, तो यह क्षण उनके परिवार के लिए भावनाओं से भरा और गर्व से सराबोर था।
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काजल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालय से पूरी की और आगे की पढ़ाई भी क्षेत्र के संस्थानों से ही की। इसके बाद उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए सैन्य सेवा से जुड़ी परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्षों के कठिन प्रशिक्षण के बाद अधिकारी बनीं। उनका यह सफर हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
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आज हिमाचल की बेटियां केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश की रक्षा जैसे कठिन दायित्व को भी निभाने के लिए आगे आ रही हैं। काजल ठाकुर की सफलता इस बात का उदाहरण है कि प्रदेश की बेटियां अब हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं, चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या फिर देश की सुरक्षा।
काजल की इस उपलब्धि के बाद पूरे चुराह क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं और उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि ने क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी है।