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April 23, 2026
काबिलियत का कमाल: हिमाचल की इस ट्रिपल IT के छह छात्रों को मिला लाखों का पैकेज
अमेजन कंपनी ने छह छात्रों को लाखों के पैकेज पर की जॉब ऑफर
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ऊना। मशहूर हिंदी फिल्म '3 इडियट्स' में आमिर खान का एक डायलॉग आज भी युवाओं की रगों में जोश भर देता है— "बच्चा काबिल बनो, कामयाबी तो झक मारकर पीछे आएगी।" हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के होनहार छात्रों ने इस फिल्मी संवाद को हकीकत में बदल कर दिखा दिया है।
अपनी कड़ी मेहनत और तकनीकी कौशल के दम पर यहां के छात्रों ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। संस्थान के लिए यह गर्व का पल है कि दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी अमेजन (Amazon) ने IIIT ऊना के 6 छात्रों को 50-50 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर जॉब ऑफर की है। यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि उन छात्रों की काबिलियत पर कंपनी का अटूट भरोसा है।
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अमेजन से जॉब ऑफर पाने वाले छात्रों में कृष चौधरी, प्रसून कुशवाहा , प्रियांशु राज, वैभव मदान, तनिष्क गुप्ता और श्रेयांश शुक्ला शामिल हैं। वहीं पलक गुप्ता और फैज़ अहमद का चयन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर इंटर्न के रूप में हुआ है।
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कृष चौधरी और प्रसून कुशवाहा की नियुक्ति हैदराबाद स्थित अमेज़न के HYD13 कैंपस में हुई है। प्रियांशु राज, वैभव मदान, तनिष्क गुप्ता और श्रेयांश शुक्ला को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर नियुक्त किया गया है। चयनित स्टूडेंट्स देश के अलग अलग राज्यों के रहने वाले हैं।
इस सफलता के पीछे छात्रों की लगातार मेहनत, तकनीकी समझ और दृढ़ संकल्प का बड़ा योगदान रहा है। चयनित छात्रों ने कठिन चयन प्रक्रिया को पार करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे संस्थान और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है।
इन छात्रों को पहले छह महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चुना गया था। इस दौरान उन्होंने अपनी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर उन्हें स्थायी नौकरी का प्रस्ताव मिला। यह सफर इस बात का उदाहरण है कि अवसर मिलने पर प्रतिभा कैसे अपनी पहचान बना लेती है।
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चयन के दौरान छात्रों को कई चरणों की परीक्षा से गुजरना पड़ा। तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक समझ और समस्या समाधान क्षमता की कड़ी जांच के बाद ही उन्हें अंतिम रूप से चुना गया। इस पूरी प्रक्रिया में छात्रों ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
IIIT ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे छात्रों की मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को शामिल करने से छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। यह सफलता न केवल इन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। हिमाचल के इन होनहार छात्रों ने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।