#उपलब्धि

April 22, 2026

हिमाचल : 6 महीने दुनिया से कटा रहता है इलाका, बेटी ने बिना कोचिंग और इंटरनेट के रचा इतिहास

अर्चना ने सेल्फ स्टडी कर क्वालीफाई किया JEE Mains का पेपर

शेयर करें:

Archana Qualified JEE Main 2026 Result Pangi Chamba Himachal

चंबा। हिमाचल प्रदेश की दुर्गम वादियों में बसी पांगी घाटी से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। कठिन परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए अर्चना ने JEE Mains (अप्रैल सत्र) में शानदार प्रदर्शन कर JEE Advanced 2026 के लिए क्वालीफाई किया है।

गांव की बेटी ने रचा इतिहास

अर्चना की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। अर्चना एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल किलाड़ की 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। उन्होंने ऐसे क्षेत्र से यह मुकाम हासिल किया है, जहां मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल का बेटा बना टॉपर : JEE Main में 99 प्रतिशत झटके, दिन के 10 घंटे करता था पढ़ाई

JEE Mains किया क्वालीफाई

उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देशभर में JEE Mains में शामिल हुए 11 लाख से अधिक छात्रों में से केवल लगभग 2.5 लाख ही अगले चरण के लिए चुने गए। इन्हीं 2.5 लाख उम्मीदवारों में अर्चना ने अपनी जगह बनाई।

 

Archana Pangi Qualified JEE Mains 2026

कई चुनौतियों को हराया

पांगी घाटी को हिमाचल के सबसे दुर्गम इलाकों में गिना जाता है। यहां सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण लगभग छह महीने तक संपर्क पूरी तरह बाधित रहता है। स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं, उच्च शिक्षा के अवसर कम हैं और डिजिटल कनेक्टिविटी भी एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। निजी कोचिंग संस्थानों की अनुपस्थिति में यहां के विद्यार्थियों को खुद के दम पर ही आगे बढ़ना पड़ता है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : जिंदा महिला को रिकॉर्ड में किया मृत घोषित, सहारा पेंशन भी की बंद-सरकार से सवाल

बिना कोचिंग और इंटरनेट के पास किया पेपर

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद अर्चना ने हार नहीं मानी। उन्होंने स्कूल के सीमित संसाधनों का भरपूर उपयोग किया और सैल्फ स्टडी को अपनी ताकत बनाया। इंटरनेट की दिक्कतों के बीच भी उन्होंने निरंतर पढ़ाई जारी रखी और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

परिवार और स्कूल के भरोसे से मिली जीत

मूल रूप से धरवास गांव की रहने वाली अर्चना अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के समर्थन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार और स्कूल का भरोसा ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : भैरव मंदिर के पास लोगों ने दबोचे दो युवक- पास मिला ढेर सारा चिट्टा, किया पुलिस के हवाले

प्रेरणा बनी पांगी की अर्चना

विद्यालय के प्रधानाचार्य देश राज ने कहा कि पांगी जैसे कठिन क्षेत्र में, जहां शिक्षा प्राप्त करना ही एक बड़ी चुनौती है- वहां अर्चना की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल बनेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अर्चना की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख