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April 3, 2026

हिमाचल : नौणी यूनिवर्सिटी के छात्रों की शानदार उपलब्धि, तीन स्टूडेंट बने ICFRE वैज्ञानिक

यह परीक्षा देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है

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Nauni University

सोलन। हिमाचल प्रदेश के तीन युवाओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिला सोलन में स्थित नौणी विश्वविद्यालय से जुड़े इन युवाओं ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पूर्व छात्रों ने एक कठिन परीक्षा पास कर ICFRE में अपनी जगह बनाई है।

वानिकी विषय में पहला स्थान प्राप्त

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून द्वारा जनवरी 2026 में आयोजित वैज्ञानिक ‘बी’ (वानिकी) परीक्षा के परिणाम इसी सप्ताह घोषित किए गए। इस परीक्षा में कुल चार पदों में से तीन पद नौणी विश्वविद्यालय के छात्रों ने हासिल किए हैं, जो कि विश्वविद्यालय और छात्रों दोनों के लिए गर्व की बात है।

 

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सफल छात्रों में जतिन कुमार, उदय कुमार लोध और दीपशिखा सिंह शामिल हैं। इन सभी ने अपने अध्ययन और शोध में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जतिन कुमार, जो सोलन जिले के धर्मपुर के रहने वाले हैं, ने वानिकी विषय में पहला स्थान प्राप्त किया।

मेहनत और समर्पण से पाई परीक्षा में सफलता

उन्होंने वर्ष 2024 में एग्रोफॉरेस्ट्री में PHD पूरी की और 8.96/10 ओजीपीए के साथ अपने विभाग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और ज्ञान के प्रति ईमानदारी को दर्शाती है। उदय कुमार लोध, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के निवासी, ने वर्ष 2023 में वानिकी में पीएचडी पूरी की और 8.18/10 ओजीपीए प्राप्त किया।

 

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उन्होंने भी विश्वविद्यालय और अपने मार्गदर्शकों के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट परिणाम दिखाए। दीपशिखा सिंह, बिहार के भागलपुर की निवासी, ने 2022 में वानिकी में एमएससी पूरी की और 8.37/10 ओजीपीए हासिल किया। उन्होंने भी अपनी मेहनत और समर्पण से परीक्षा में सफलता पाई।

कुलपति ने छात्रों को बधाई दी 

कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने छात्रों को बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि, वानिकी क्षेत्र की यह परीक्षा देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है।

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इस सफलता से यह स्पष्ट होता है कि नौणी विश्वविद्यालय में छात्रों को न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, बल्कि उन्हें मजबूत अनुसंधान वातावरण और प्रभावी मार्गदर्शन भी मिल रहा है। सिल्वीकल्चर और एग्रोफॉरेस्ट्री विभाग के छात्र लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल कर रहे हैं।

 

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